रूस ने भारत को होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर अहम फैसला लिया है. क्रेमलिन ने साफ कहा है कि भारत को भेजे जाने वाले तेल की मात्रा सार्वजनिक नहीं की जाएगी.रूस का कहना है कि कई देश उसके ऊर्जा व्यापार पर नजर रखे हुए हैं. पश्चिम एशिया संकट के बीच यह फैसला वैश्विक तेल बाजार में नई चर्चा का कारण बन गया है.
