मजाक में कही गई बातें नस्लीय हमला नहीं… देहरादून पुलिस अधिकारी का त्रिपुरा के छात्र की मौत पर बयान

9 दिसंबर को अंजेल चकमा और उनके भाई मिशेल का कुछ स्थानीय लोगों और पूर्वोत्तर के एक अन्य व्यक्ति से झगड़ा हो गया, जिन्होंने कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी की थी. जब अंजेल और उनके भाई ने इसका विरोध किया तो उनके बीच हाथापाई शुरू हो गई. इस दौरान उन पर चाकू और अन्य वस्तुओं से हमला किया गया.

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