महिला आरक्षण पर आज संसद में बिल आना है. अगर विपक्ष एकजुट रहा और उसने सदन में जमकर खिलाफत की, तो मोदी सरकार के लिए इस बिल को पास कराना लोहे के चने चबाने जैसा होगा. लेकिन अगर विपक्ष के कुनबे में थोड़ी भी सेंधमारी हुई, या कुछ दलों ने वॉकआउट का रास्ता चुना, तो सरकार अपनी मंशा में कामयाब हो जाएगी. अब देखना यह है कि अगले तीन दिनों में संसद की चौखट पर शह और मात के इस खेल में कौन बाजी मारता है!