21 मार्च की शाम को कटरा में भीड़ का दबाव इतना ज्यादा बढ़ गया कि प्रशासन को निर्धारित समय (रात 10 बजे) से 4 घंटे पहले ही यात्रा पर्ची रजिस्ट्रशन पर रोक लगानी पड़ी. हालांकि, 22 मार्च सुबह 4 बजे इसे फिर से शुरू कर दिया गया. चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर माता वैष्णो देवी के दरबार में भक्ति और आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ पड़ा है कि त्रिकुटा की पहाड़ियां ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठी हैं.