
अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के बॉर्डर और ट्राइबल मामलों के मंत्री नूरुल्ला नूरी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को हमले की धमकी देने के लिए ‘मानसिक रूप से बीमार’ व्यक्ति कहा है. एक सभा में बोलते हुए, नूरी ने ख्वाजा आसिफ से कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले इतिहास को समझें. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और भारत के खिलाफ आपका इतिहास साफ है. रूस, अमेरिका और ब्रिटेन के खिलाफ हमारा इतिहास साफ है. आप खुद तय करें.
पाकिस्तानी अधिकारियों का लगातार यह दावा रहा है कि देश में होने वाले हमले अफगानिस्तान में मौजूद चरमपंथियों द्वारा कराए जाते हैं, हालांकि इस दावे को इस्लामिक अमीरात नकारता है. पाकिस्तान ने लगभग एक महीने पहले काबुल और पक्तिका में हमले किए थे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच घातक झड़पें हुईं. दोनों पक्षों के बीच बातचीत के तीन दौर हो चुके हैं, लेकिन उसका बेनतीजा रही है.
भारत ने भी पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
इससे पहले भारत सरकार ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई हालिया टिप्पणी का कड़ा जवाब दिया. सरकारी सूत्रों ने कहा कि ख्वाजा आसिफ के पास कोई गंभीर काम नहीं है और वह अपनी समझ से बाहर के मामलों पर बेवजह बयान देकर समय बिताते हैं. सरकारी सूत्रों ने ख्वाजा आसिफ को मानसिक रूप से अस्थिर बताया.
ख्वाजा आसिफ के पास कोई नियमित काम नहीं
उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और पाकिस्तान में उन्हें रक्षा मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी मिलना ही वहां की मौजूदा स्थिति को दिखाता है. सूत्रों ने कहा कि उनके पास कोई नियमित काम नहीं है, इसलिए वह ऐसे विषयों पर भी बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करते रहते हैं, जिनकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती. सूत्रों ने यह भी कहा कि जलन कभी भी अच्छी बात नहीं होती, खासकर ऐसे व्यक्ति के लिए जो लगातार नफरत फैलाने वाले बयान देता हो.
PM मोदी को मिले सम्मान का उड़ाया मजाक
भारत सरकार की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब ख्वाजा आसिफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले सेशेल्स के सम्मान का मजाक उड़ाते हुए उसे बनावटी सम्मान बताया था. दरअसल, पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और छोटे द्वीपीय देशों के विकास के लिए उनके योगदान के सम्मान में सेशेल्स का नया सर्वोच्च सम्मान गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन प्रदान किया गया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मान को पाने वाले पहले व्यक्ति बने. यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से कुछ हफ्ते पहले ही शुरू किया गया था. सेशेल्स सरकार ने अपने राष्ट्रीय सम्मान प्रणाली में बदलाव करते हुए इस नए सम्मान की शुरुआत की थी.