
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने एजुकेशन सिस्टम में रिफॉर्म के लिए जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल से लड़ाई शुरू की थी. उन्होंने 26 दिनों की भूख हड़ताल 23 जुलाई को खत्म कर दी. अब उन्होंने आज सुबह सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए एक और मैसेज शेयर किया है. उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन जवाबदेही की शुरुआत…! वांगचुक ने कहा कि उन्हें सरकार और सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से यह भरोसा मिला कि भारतीय संसद में खराब होती परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी.
वांगचुक ने बताया कि सरकार ने ये भी भरोसा दिलाया कि हाल ही में NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा.
END OF HUNGER… BEGINNING OF ACCOUNTABILITY…!
Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the pic.twitter.com/0C9YX5VlsL— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
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