मैंने जन्नत नहीं देखी, मां देखी है… 2 तस्वीरों की ममताभरी कहानी दिल चीर देगी January 14, 2026 by A K Geherwal जसवंत कौर और केशमा देवी जैसी हजारों मांएं आज भी यादों के ऐसे ही तिनकों के सहारे जी रही हैं. उनके लिए ये स्मारक पत्थर के महज चबूतरे नहीं, बल्कि उनके वही लाडले फौजी बेटे हैं जिन्हें उन्होंने कभी अपनी गोद में खिलाया था. Share on FacebookPost on XFollow usSave