
कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि तीन भारतीय नाविकों की मौत पर सरकार की प्रतिक्रिया शर्मनाक रही और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कोई पश्चाताप करने के बजाय आदेश देने वाली भाषा का इस्तेमाल किया. पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि अमेरिकी कृत्य को अवैध एवं अस्वीकार्य कहा जाना चाहिए था और उससे माफी की मांग की जानी चाहिए थी.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के साथ बातचीत में ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है.
‘बिना शर्त माफी की मांग करनी चाहिए’
इसको लेकर पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, ‘भारत को अमेरिकी सैन्य हमले में तीन युवा भारतीय नाविकों की हत्या के लिए बिना शर्त माफी की मांग करनी चाहिए थी. इसके बजाय, अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कथित तौर पर एक चेतावनी जारी करने का फैसला किया, जिसमें घोषणा की गई कि अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन न करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’ कांग्रेस नेता ने कहा कि रुबियो का बयान आदेश है, पश्चाताप नहीं. उन्होंने कहा, ‘खोई हुई जिंदगियों की कोई स्वीकृति नहीं, ज़िम्मेदारी की कोई स्वीकारोक्ति नहीं और कोई माफ़ी नहीं.’
‘उचित नहीं’ का क्या मतलब है?
खेड़ा ने दावा किया, नई दिल्ली की प्रतिक्रिया इस प्रकरण को और भी शर्मनाक बनाती है. इस कार्रवाई को हमला कहने के बजाय, विदेश मंत्री जयशंकर ने केवल यह कहा कि वाणिज्यिक जहाज के खिलाफ घातक कार्रवाई उचित नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि ‘उचित नहीं’ क्या मतलब है? उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के कृत्य के लिए उपयुक्त शब्द हैं: अवैध, लापरवाह और अस्वीकार्य. इसके बजाय, हमें सावधानी पूर्वक की गई निष्फल बयानबाजी देखने को मिली.
24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत
भारत ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया था और उन्हें बताया था कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले अस्वीकार्य हैं. आठ जून को अमेरिकी बलों ने पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर मैरीवेक्स पर हमला किया था. इस जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था. इसके बाद 10 जून को अमेरिका ने पलाऊ के ही ध्वज वाले एक अन्य टैंकर सेटेबेलो पर हमला किया, जिस पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई.