आपने अक्सर लोगों को यह सुझाव देते हुए देखा होगा कि शुभ काम पर निकलने से पहले दायां या बायां पैर पहले दहलीज से बाहर रखना चाहिए. असल में यह सब नाड़ी के हिसाब से तय होता है. यदि शरीर का बायां हिस्सा सक्रिय है तो बायां पैर ही पहले बाहर निकालना चाहिए. जबकि दायां हिस्सा सक्रिय होने पर दायां पैर ही पहले बाहर रखना चाहिए.
