नगर पालिका की ओर से यह जांच इंजीनियर सत्यम देवलिया द्वारा की गई. जांच के दौरान संबंधित पक्ष से मकान और प्लॉट से जुड़े दस्तावेज मांगे गए और उनकी गहनता से पड़ताल की गई. प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान पर मस्जिद संचालित की जा रही है, वह आवासीय प्लॉट है और हाउसिंग बोर्ड की संपत्ति के अंतर्गत आता है.
