
तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी माहोल गरमाया हुआ है. टीवीके को समर्थन देने के सवाल पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) नेता एएम शाहजहां ने कहा कि हमने किसी का समर्थन नहीं किया है. मैंने किसी को कोई पत्र नहीं दिया. यह महज़ एक अफवाह है. हम डीएमके के नेतृत्व में गठबंधन जारी रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि टीवीके को समर्थन का कोई सवाल ही नहीं उठता. हम डीएमके के साथ गठबंधन जारी रख रहे हैं.
वहीं आईयूएमएल तमिलनाडु के अध्यक्ष कादर मोहिदीन ने कहा है कि पार्टी डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस का हिस्सा बनी रहेगी और टीवीके को अपना समर्थन नहीं देगी.
टीवीके को नहीं दिया समर्थन
आईयूएमएल ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि उसने टीवीके को अपना समर्थन नहीं दिया है. आईयूएमएल के टिकट पर एएम शाहजहां पापनासम और एसएसपी सैयद बदी वानियमबाडी निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए हैं. बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी टीवीके के अध्यक्ष चंद्रशेखर जोसफ विजय ने वामपंथी दलों से समर्थन मिलने के बाद शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से लोक भवन में मुलाकात की थी.
अभी दो पार्टियों का समर्थन बाकी
दरअसल टीवीके चीफ विजय को आज सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री की शपथ लेनी थी. लेकिन अभी दो पार्टियों का समर्थन पत्र उनके पास नहीं आया है. वीसीके ने कहा है कि वो शनिवार (आज) को अपना फैसला बताएंगे. वहीं आईयूएमएल ने साफ कर दिया है कि वो डीएमके के साथ हैं विजय के नहीं.
116 विधायकों के समर्थन का पत्र
इन सबके बीच प्रदेश के कांग्रेस विधायक देर रात बेंगलुरु पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक विजय ने अभी तक राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा है. इसमें टीवीके के 107 विधायक हैं, कांग्रेस के 5 हैं और CPI-CPM के 4 हैं. लेकिन सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए. विजय के पास अभी 116 हैं यानी 2 विधायक अभी कम हैं. बता दें कि VCK और IUML के पास 2-2 विधायक हैं. अगर दोनों विजय को समर्थन दें तो विजय के 120 विधायक हो जाएंगे.
विधानसभा चुनाव में टीवीके ने जीती 108 सीटें
विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट मिली है जो बहुमत के लिए जरूरी 118 सदस्यों की संख्या से कम है. नतीजे आने के कुछ घंटों के बाद ही द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के साथ चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी. पार्टी के सदन में पांच सदस्य निर्वाचित हुए हैं.
विजय ने सरकार बनाने की कोशिशों के तहत डीएमके की सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और विदुथालाई चिरुथैगल कच्ची (वीसीके) से संपर्क किया था. तीनों दलों के सदन में दो-दो विधायक हैं. इसमें सीपीआई और माकपा ने विजय को समर्थन देने की घोषणा कर दी है जबकि वीसीके ने कहा कि वह शनिवार को फैसला लेगी.