खूंखार चंदन तस्कर वीरप्पन का अंत करने वाले और नक्सलियों के गढ़ में घुसकर उन्हें चुनौती देने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी के. विजय कुमार को साल 2026 के प्रतिष्ठित पद्मश्री (Padma Shri) सम्मान से नवाजा गया है. अपने पांच दशक के शानदार करियर में उन्होंने हमेशा मुश्किलों का सीना तानकर सामना किया. 2010 के दांतेवाड़ा नक्सली हमले के बाद रात के अंधेरे में उसी खूनी जंगल में जवानों के साथ रुकना हो, या श्रीनगर में फिदायीन हमलों को रोकना, विजय कुमार ने हर मोर्चे पर शानदार नेतृत्व किया. आइए जानते हैं उस ‘संकटमोचक’ की कहानी, जिसने आईएएस की कुर्सी ठुकराकर वर्दी चुनी.