वो महिला जिसने अंग्रेजों के सामने घूंघट नहीं, इंकलाब का नारा बुलंद किया; साड़ी फाड़कर बनाया था तिरंगा

Sarojini Naidu News: सरोजिनी नायडू कवयित्री भी थीं. इन्होंने वीर रस के गीतों के जरिए देश के जनमानस को आजादी की लड़ाई में भाग लेने के लिए प्रेरित किया था और जब भारत आजाद हुआ था तो संविधान सभा के सभी सदस्यों को राष्ट्रीय ध्वज के तले खड़े होने के लिए प्रेरित किया. सरोजिनी नायडू इस बात का आदर्श उदाहरण हैं कि नारी कमजोर नहीं, सबल है और सक्षम है. उनके हित और हक बराबर हैं. महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनका नजरिया सटीक और साफ था.

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