
क्या आप कट्टर हिंदू हैं?, क्या जनेऊ पहनते हैं?, शाकाहारी भोजन करते हैं?, भगवान राम में आस्था है?… और भी इसी तरह के कई सवाल…जो अयोध्या के राम मंदिर के CEO पद के उम्मीदवारों से पूछे गए थे. मंगलवार (11 अगस्त) को राम मंदिर परिसर के तीर्थ यात्री कक्ष में 8 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया. इनमें 3 पूर्व IAS अफसर, एक पूर्व IPS अफसर और 4 पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल थे. इस दौरान उम्मीदवारों से धार्मिक मान्यताओं, खान-पान से लेकर राम मंदिर को लेकर उनकी सोच से जुड़े कई सवाल पूछे गए.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट की मुताबिक राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए CEO के उम्मीदवारों का इंटरव्यू हुआ. इस दौरान
उनसे अलग-अलग तरह के कई सवाल पूछे गए. इनमें उनके धार्मिक कार्यों, खाने-पीने संबंधी आदतों और राम मंदिर के लिए उनके नजरिए से जुड़े सवाल शामिल थे.
18 लोग शॉर्टलिस्ट
CEO पद के लिए 5200 लोगों ने आवेदन किया था, इनमें से 18 को शॉर्टलिस्ट किया गया. इंटरव्यू धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा. इस दौरान उम्मीदवारों से नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक अनुभव, सामाजिक और धार्मिक जुड़ाव, राम मंदिर के प्रति उनके दृष्टिकोण और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी कार्ययोजना और विजन के बारे में भी सवाल किए गए.
उम्मीदवारों से क्या पूछा
इंटरव्यू से पहले सभी उम्मीदवारों को 34 पॉइंट का गूगल फॉर्म भरना था. रिपोर्ट के अनुसार पहले सभी 18 उम्मीदवारों का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया था. वहीं मंगलवार को सिर्फ 8 उम्मीदवारों का आमने-सामने इंटरव्यू हुआ, जिनमें चार पूर्व IAS अधिकारी शामिल थे. गूगल फॉर्म में जो सवाल पूछे गए थे, उनमें क्या आप जनेऊ पहनते हैं? क्या आप पूरी तरह से शाकाहारी हैं या मांसाहारी भोजन करते हैं? क्या आप शराब पीते हैं ? क्या आप कट्टर हिंदू हैं? क्या आप हिंदू धर्म के अनुसार कपड़े पहनने में सहज होंगे?.
इसके अलावा उम्मीदवारों से यह भी पूछा गया कि आपने पहले कहां काम किया है? क्या आप बड़ी भीड़ को मैनेज करने में सफल रहेंगे? क्या आपकी भगवान राम में आस्था है? साथ ही परिवार के बारे में भी सवाल पूछे गए. बताया जा रहा है कि हर उम्मीदवार का इंटरव्यू करीब एक से दो घंटे तक चला. इस दौरान उम्मीदवारों की प्रशासनिक कुशलता के साथ-साथ भक्ति, टेंपरामेंट और विजन के बारे में भी जानकारी ली गई.
सिलेक्शन पैनल में कौन
राम मंदिर के लिए CEO के सिलेक्शन पैनल में पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त) और सुरेश हावरे शामिल हैं. कमेटी को तीन नामों को शॉर्टलिस्ट करने और उन्हें ट्रस्ट को 2 सितंबर से पहले सौंपने का काम दिया गया है. उसी दिन ट्रस्ट की कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की जाएगी. इसके बाद ट्रस्ट अंतिम तीन उम्मीदवारों में से CEO का इंटरव्यू लेकर चुनेंगे.
दान राशि के गबन के आरोपों के सामने आने के बाद CEO की नियुक्ति का फैसला लिया गया था. इन आरोपों के चलते ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की गहन जांच शुरू हो गई है. इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है , जबकि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत तीन अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है.