समता मूलक समाज के बिना स्वतंत्रता निरर्थक:-डां अम्बेडकर

(डॉ.कमल किशोर डुकलान ‘सरल’) डॉ.भीमराव अंबेडकर। भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर जीवनपर्यंत “समता के मूलक समाज के बिना स्वतंत्रता निरर्थक” मुख्य उद्देश्य रहा। वे हमेशा ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर हमेशा ही शिक्षा, समता, समानता, न्याय के बल पर सामाजिक क्रांति के पक्षधर रहे। डॉ.भीमराव अम्बेडकर की जीवनी पढ़ने से उनमें समाज के एक जुझारू …

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