हफ्ताखोरी, लूट, भ्रष्टाचार… अजित पवार का आरोप, फिर BJP हमलावर, जानें पूरा मामला

महाराष्ट्र की राजनीति में महानगरपालिका चुनाव 2026 से पहले घमासान तेज हो गया है. महानगरपालिका चुनाव में मुम्बई, पुणे, पिंपरी चिंचवड़, मीरा भायंदर सहित कई क्षेत्रों में महायुति से अलग चुनाव लड़ रहे उपमुख्यमंत्री अजित पवार के तीखे बयानों ने हलचल मचा दी है. पुणे के पिंपरी चिंचवड़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजित पवार ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार, हफ्ता वसूली और टेंडर घोटालों के गंभीर आरोप लगाए.

अजित पवार ने कहा कि पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका में बीजेपी ने टेंडरों में ‘रिंग’ बनाकर जमकर पैसा लूटा है और शहर में खुलेआम हफ्ताखोरी की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसके सबूत मौजूद हैं. बिना नाम लिए बीजेपी विधायक पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ लोगों की संपत्तियां अचानक कैसे बढ़ गईं और पैसा कहां से आया.

अजित पवार ने यह भी कहा, मुझ पर भी कभी 70 हजार करोड़ रुपए के आरोप लगे थे, लेकिन जिन लोगों ने आरोप लगाए थे, वही आज मेरे साथ सत्ता में बैठे हैं. अगर किसी पर मामला दर्ज होता है, तो क्या अपराध साबित होने से पहले ही वह दोषी हो जाता है?

बीजेपी का पलटवार

अजित पवार के आरोपों पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण ने कड़ा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अगर हम बोलने लगेंगे तो अजित दादा मुश्किल में पड़ जाएंगे. उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए. आरोप-प्रत्यारोप की मर्यादा क्या होती है, यह उन्हें तय करना चाहिए.

कांग्रेस और शिवसेना (ठाकरे गुट) का हमला

वहीं कांग्रेस नेता चरण सिंह सप्रा ने अजित पवार पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता का नशा उनके सिर चढ़कर बोल रहा है और बीजेपी पर आरोप लगाना महज पाखंड है. वहीं शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने कहा कि बीजेपी ‘वॉशिंग मशीन’ बन चुकी है और कई घोटालों के आरोपी उसमें धुलकर साफ हो जाते हैं. राउत ने सवाल उठाया कि अगर बीजेपी लूट कर खा रही है, तो उसी सरकार में अजित पवार उपमुख्यमंत्री क्यों हैं.

संजय राउत ने यह भी कहा कि अजित पवार के बयानों से साफ संकेत मिलते हैं कि वे अलग रास्ते पर जाने की सोच रहे हैं और उन्हें बीजेपी का साथ छोड़कर मूल राष्ट्रवादी कांग्रेस में लौट जाना चाहिए. शिवसेना (उद्धव गुट) प्रवक्ता का भी कहना है कि अजित पवार जल्द महायुति छोड़ देंगे.

दोनों एनसीपी के साथ आने के संकेत

इस बीच अजित पवार ने दोनों एनसीपी गुटों के एक साथ आने के संकेत भी दिए हैं. पिंपरी चिंचवड़ में जब उनसे शरद पवार गुट के साथ गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, ‘तुम्हारे मुंह में शक्कर’, जिसे राजनीतिक गलियारों में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. महानगरपालिका चुनाव से पहले अजित पवार का बीजेपी पर सीधा हमला जहां महायुति के नेताओं को असहज कर रहा है, वहीं विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का नया मौका मिल गया है. आने वाले दिनों में यह टकराव महाराष्ट्र की राजनीति को और तीखा करने के संकेत दे रहा है.

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