
ईरान अपने ऊपर हुए इजराइली-अमेरिकी हमलों का जवाब कई देशों पर एक साथ हमला कर दे रहा है. UAE, कतर, कुवैत आदि के अलावा ईरान ने एक नए देश को भी निशाना बनाया है. जंग की शुरुआत से अब तक साइप्रस पर ईरानी ने 5 मिसाइली दांगी हैं, ये मिसाइली यूके के एयरबेस को टारगेट कर दागी गई थी.
यूके ने कंफर्म किया है हाल ही में हुआ ड्रोन अटैक, जिसने साइप्रस के मेडिटेरेनियन आइलैंड पर ब्रिटिश मिलिट्री बेस को वन-वे अटैक ड्रोन ले निाशाना बनाया था, वो ईरान से लॉन्च नहीं किया गया था. अब सवाल उठा रहा है कि अगर ईरान ने इसे लांच नहीं किया तो किसने किया है. दो दिन पहले ही सऊदी की तेल रिफाइनरी पर हुए हमले को लेकर ईरान ने सफाई दी थी और कहा था कि हमने तेल रिफाइनरी को निशाना नहीं बनाया.
कहां से साइप्रस में मिसाइल ड्रोन?
ब्रिटिश मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने बुधवार को यह नहीं बताया कि ड्रोन कहां से आया था, हालांकि उसने इसे शाहेद जैसा बताया. शाहेद ड्रोन ईरान ने डिजाइन किए हैं. लेकिन इसकी कॉपी अमेरिका समते कई देशों ने की है.
हालांकि साइप्रस ने अपने बयान में कहा कि ड्रोन लेबनान से आया था, डिप्टी गवर्नमेंट स्पोक्सपर्सन यानिस एंटोनियो ने मंगलवार को साइप्रस के स्टेट ब्रॉडकास्टर RIK को बताया.
सऊदी ने पकड़े मोसाद के एजेंट
वहीं सऊदी अरब ने करीब दो मोसाद एजेंट्स को पकड़ है, जो सऊदी के रिहायशी इलाकों पर हमला करना चाहते थे. जिससे जानकारों को लग रहा है कि इजराइली अमेरिका क्षेत्र में एक चौतरफा वार कराना चाहते हैं. साथ ही ईरान के लिए और देशों को भी युद्ध शामिल करने की योजना है. हिजबुल्लाह भी इस युद्ध में कूद गया है. बता दें हिजबुल्लाह ने पिछले साल भी इजराइली पर सैकड़ों ड्रोन हमले किए थे. जब क्षेत्र में जंग फैल लग गई है, तो हिजबुल्लाह भी एक्टिव हो गया है.