
हरियाणा और पंजाब में गेहूं खरीद की नई नीतियों, कर्ज माफी और 2021 के किसान आंदोलन से संबंधित मुकदमों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आज धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. इसमें आज हरियाणा के मुख्य नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी दी गई है. संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की मंडियों में गेहूं खरीद के दौरान बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन और नई गेहूं खरीद पॉलिसी के खिलाफ भी विरोध कर रहा है.
हरियाणा के डीजीपी ने मोर्चा के प्रदर्शन को देखते हुए आज वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आला अफसरों को निर्देश जारी किए हैं. बैठक की अध्यक्षता करते हुए अजय सिंघल ने कहा कि किसान संगठनों द्वारा प्रस्तावित जाम के दौरान शरारती तत्वों द्वारा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.
माहौल बिगाड़ने का प्रयास
उन्होंने बताया कि पहले भी ऐसे धरना-प्रदर्शनों के दौरान असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने का प्रयास करते रहे हैं. इसलिए आवश्यक है कि ऐसी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए समय रहते ठोस और प्रभावी रणनीति बनाई जाए, ताकि तुंरत ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सके. उन्होंने स्पष्ट कहा कि धरना प्रदर्शन के दौरान यातायात व्यवस्था बाधित नही होनी चाहिए.
रूट डायवर्ट करने के निर्देश जारी
हरियाणा के तमाम जिलों के एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि संयुक्त किसान मोर्चा के किसानों द्वारा हाईवे जाम करने की स्थिति में रूट डायवर्ट किये जाएं और एडवाइजरी जारी की जाए ताकि जनता को असुविधा ना हो. मुख्य रूप से हरियाणा से राजधानी दिल्ली को जोड़ने वाले तमाम नेशनल हाईवे जाम करने की संयुक्त किसान मोर्चा की कोशिश है. हालांकि हरियाणा पुलिस ने साफ किया है कि किसी को भी कानून-व्यवस्था हाथ में नहीं लेने दी जाएगी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा सकता है लेकिन कोई भी उपद्रव नहीं होने दिया जाएगा.