ब्रिटेन ने इस बात की भी पुष्टि की है कि अमेरिका (US) के साथ उसका एक समझौता हुआ है. इसके तहत, क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन के सैन्य अड्डों का उपयोग किया जा सकेगा. अमेरिका इन अड्डों का इस्तेमाल उन मिसाइल साइटों को तबाह करने के लिए कर सकता है, जिनका उपयोग ईरान जहाजों पर हमला करने के लिए कर रहा है.