यूरोपीय देशों और जापान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के सुरक्षित आवाजाही लिए सैन्य और कूटनीतिक सहयोग का वादा किया है. दरअसल, ईरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों और कतर-सऊदी के ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों से वैश्विक आपूर्ति ठप हो गई है जिसके बाद देश अब ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं.