इस गांव को क्या हो गया? 66 पशु मरे, 24 से ज्यादा घायल, ग्रामीणों में दहशत
सपोटरा के कानारदा गांव में अज्ञात वन्यजीव के हमले से 66 भेड़-बकरियों की मौत, 24 घायल. बाबूलाल गुर्जर और हरिकेश गुर्जर सबसे ज्यादा प्रभावित. ग्रामीणों में दहशत है.
सपोटरा के कानारदा गांव में अज्ञात वन्यजीव के हमले से 66 भेड़-बकरियों की मौत, 24 घायल. बाबूलाल गुर्जर और हरिकेश गुर्जर सबसे ज्यादा प्रभावित. ग्रामीणों में दहशत है.
Mumbai : कश्मीर घाटी के ड्रायफ्रूट्स जैसे अखरोट, किशमिश, कावा और स्ट्रॉबेरी मुंबई में स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट एक्सहिबिशन में लोकप्रिय हैं, इनकी गुणवत्ता और स्वाद बेजोड़ है.
Dhaulpur : महाराज राना कीरत सिंह ने 1805 में धौलपुर में जाट रियासत की स्थापना की, शेरगढ़ किला राजधानी बनाया, कीर्ति नगर बसाया और ऐतिहासिक मंदिरों का निर्माण करवाया.
भारत मौसम विभाग की रविवार को जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले 2-3 दिनों के दौरान शीतलहर से भीषण शीतलहर की स्थिति बनी रहने की बहुत संभावना है.
केसी त्यागी कहते हैं, “इन यात्राओं से उन्हें फीडबैक भी मिलता है. केंद्र सरकार की मदद से बिहार में नए प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं. जनता की उम्मीदों को और उनकी समस्याओं को समझने और सुलझाने का नीतीश कुमार को एक और मौका मिलेगा”.
भारत और जर्मनी के बीच सैन्य सहयोग कोई नई बात नहीं है. दोनों देश पिछले कई सालों से रक्षा क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं और अब अपने सामरिक रिश्तों को और गहरा करने के तरीके तलाश रहे हैं.
रविवार रात में ये लोग रायबरेली के जगतपुर में कार से रेकी कर रहे थे. पुलिस ने इनकी गाड़ी को रोका तो ये भागने लगे, पुलिस ने पीछा किया तो एक चोर ने पुलिस पर गोली चला दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मुख्य सूचकांक में भी कारोबारी दिन में उतार-चढ़ाव देखा गया. निफ्टी की शुरुआत 25,669.05 अंक पर हुई और इसने 25,473.40 अंक का न्यूनतम स्तर और 25,813.15 अंक उच्चतम स्तर छुआ.
ईरान में महंगाई और कट्टरपंथ के खिलाफ जारी ‘Gen-Z’ आंदोलन ने अमेरिका और ईरान को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. 500 से अधिक मौतों के बाद ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि ईरान इसे विदेशी साजिश बता रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है.
आजतक के रियलिटी चेक में दिल्ली, यूपी, एमपी और राजस्थान की स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं. इमरजेंसी गेटों पर सीटें लगी हैं, छतों पर अवैध सामान लदा है और अग्निशमन यंत्र नदारद हैं. पिछले 3 वर्षों में 64 मौतें होने के बावजूद प्रशासन और बस ऑपरेटर बेखौफ हैं.