25 साल की पड़ोसन से प्यार, पत्नी का गला घोंटा… CNG ब्लास्ट नहीं, डॉक्टर ने ही ली जान; सुलझी सागर मर्डर मिस्ट्री

25 साल की पड़ोसन से प्यार, पत्नी का गला घोंटा… CNG ब्लास्ट नहीं, डॉक्टर ने ही ली जान; सुलझी सागर मर्डर मिस्ट्री

मध्य प्रदेश के सागर जिले में हुए चर्चित कार अग्निकांड मामले ने अब एक सनसनीखेज मोड़ ले लिया है. जिस घटना को शुरुआत में सड़क हादसा और CNG किट में आग लगने की दुर्घटना बताया जा रहा था, पुलिस जांच में वह एक सोची-समझी हत्या साबित हुई. इस मामले में मृत महिला के पति डॉक्टर नीलेश पटेल को मुख्य आरोपी मानते हुए पुलिस ने उसे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें कल कोर्ट में पेश किया जाएगा. फिलहाल पुलिस आरोपियों से सबूत जुटाने में जुटी हुई है.

दरअसल, सागर SP विकास कुमार सहवाल के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने मामले की बारीकी से पड़ताल की. जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मृतका सीमा की मौत किसी हादसे में नहीं, बल्कि गला दबाकर हत्या की गई थी. पूछताछ में आरोपी डॉक्टर नीलेश पटेल ने स्वीकार किया कि उसका अपने पड़ोस में रहने वाली एक 25 वर्षीय युवती के साथ प्रेम संबंध था. जब उसकी पत्नी को इस संबंध की जानकारी मिली तो घर में लगातार विवाद और तनाव बढ़ने लगा. घरेलू कलह से परेशान होकर उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.

पत्नी की गला दबाकर हत्या की

पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात डॉक्टर नीलेश पटेल ने पहले सीमा की गला दबाकर हत्या की. इसके बाद उसने इस अपराध को छिपाने और इसे दुर्घटना का रूप देने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची. योजना के तहत आरोपी ने पहले मृतका के परिजनों को फोन कर यह झूठी सूचना दी कि सीमा को अचानक हार्ट अटैक आया है और वह उसे अस्पताल ले जा रहा है. इसके बाद उसने अपने क्लीनिक में काम करने वाले दो कर्मचारियों को साथ लिया और कार में आग लगाने की योजना को अंजाम दिया. तीनों ने मिलकर कार में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी, ताकि यह घटना एक सामान्य दुर्घटना लगे.

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घटना के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बयान दिया कि कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और CNG किट में विस्फोट के कारण आग लगी, लेकिन पुलिस को शुरुआत से ही इस कहानी पर संदेह था. घटनास्थल के निरीक्षण और फॉरेंसिक जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जो आरोपी के बयान से मेल नहीं खाते थे.

पूछताछ में टूट गया आरोपी डॉक्टर

जांच में यह भी सामने आया कि कार की तुलना में महिला का शव अधिक बुरी तरह जला हुआ था, जो सामान्य सड़क दुर्घटनाओं के मामलों से अलग था. इसके अलावा घटनास्थल की परिस्थितियों में भी कई विसंगतियां पाई गईं. जब पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो वह अपना झूठ छिपा नहीं पाया और पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.

फिलहाल पुलिस ने डॉक्टर नीलेश पटेल और उसके दोनों सहयोगियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज कर लिया है. तीनों आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है. इस मामले पर पुलिस ने बताया कि जांच अभी जारी है. अन्य पहलुओं को भी गहराई से खंगाला जा रहा है, ताकि पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके.

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