भारतीय वायुसेना की गिरती स्क्वॉड्रन क्षमता को संभालने के लिए तेजस मार्क-1A की डिलीवरी बेहद अहम है. अप्रैल अंत में होने वाली IAF-HAL की बैठक में ASQR मानकों और इंजनों की उपलब्धता पर चर्चा कर डिलीवरी की अंतिम तारीख तय की जा सकती है. वर्तमान में वायुसेना स्वीकृत 42 के मुकाबले केवल 29 स्क्वॉड्रन के साथ काम कर रही है जिसकी भरपाई के लिए 180 से अधिक तेजस विमानों का इंतजार है.