
देश की राजधानी दिल्ली की डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज पर रविवार को 41वीं दिल्ली स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप का आगाज हुआ. यह प्रतियोगिता शनिवार को शुरू होनी थी, लेकिन दिल्ली स्टेट राइफल एसोसिएशन (DSRA) के चेयरमैन, जानेमाने निशानेबाज और भारतीय पिस्टल शूटिंग टीम के हाइपरफॉर्मेंस कोच रहे जसपाल राणा के निधन की वजह से इसे एक दिन आगे बढ़ा दिया गया.
मुकाबले शुरू होने से पहले शूटिंग रेंज पर मौजूद तमाम निशानेबाजों और रेंज अफसरों ने दो मिनट को मौन रखा और महान जसपाल राणा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
खेल जगत के लिए बड़ा सदमा
दिल्ली स्टेट राइफल एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन जसपाल सिंह मारवाह ने कहा कि हम सबका मन इस वक्त बहुत भारी है, जसपाल राणा हमारी ताकत थे, उनका चले जाना खेल जगत के लिए बड़ा सदमा है, और हमारे लिए बहुत बड़ा झटका है. जसपाल राणा ने दिल्ली में निशानेबाज़ी के स्तर को उठाने के लिए बहुत कोशिशें कीं. उनका सपना था कि दिल्ली के निशानेबाज अच्छा प्रदर्शन करें और दुनिया में देश का नाम रौशन करें.
मारवाह ने बताया कि आम तौर पर यह प्रतियोगिता जुलाई-अगस्त में होती है, लेकिन इस बार डॉ. कर्णी सिंह रेंज में मेंटेनेंस का काम होना है, जिसकी वजह से इसे जून में कराया जा रहा है. पिछली गवर्निंग बॉडी मीटिंग के दौरान हमारे चेयरमैन जसपाल राणा भी मौजूद थे, उनकी सहमति से ही यह मुकाबला जून के महीने में करवाने का फैसला लिया गया था.
जसपाल राणा को श्रद्धांजलि
मुकाबले शुरू होने से पहले जब जसपाल राणा को श्रद्धांजलि दी गई तो शूटिंग रेंज पर कई अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज़ और भारतीय टीम को कोच भी मौजूद रहे, सब लोग भावुक थे और आंखें नम थीं. इस मौके पर उनके साथी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और भारतीय टीम के कोच रहे गंगाधर शर्मा ने कहा कि जसपाल राणा बहुत ज़बरदस्त खिलाड़ी रहे, बहुत ज़बरदस्त कोच रहे और बहुत ज़बरदस्त मेंटर रहे. शायद बहुत से लोग नहीं जानते कि उनकी जो अचीवमेंट थी वो कई मुकाबलों में वर्ल्ड रिकॉर्ड से ऊपर रही है. उन्होंने सेंटर फायर इवेंट में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और स्टैंडर्ड पिस्टल में भी.
49 क्यों 50 मारूंगा
गंगाधर शर्मा ने एक घटना को याद करते हुए बताया कि एक बार दिल्ली में सेलेक्शन ट्रायल था, 25 मीटर इवेंट में सभी अच्छे शूटर भाग ले रहे थे, मैं भी था. अर्जुन अवार्डी शूटर अशोक पंडित ने जसपाल से कहा कि अगर आखिरी सीरीज 49 की लगी तो वर्ड रिकॉर्ड हो जाएगा. जसपाल ने कहा कि 49 क्यों 50 मारूंगा, किस्मत ने भी साथ दिया और जसपाल ने पांचों शॉट ‘एक्स टेन’ मारे, यानी वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी एक पॉइंट ऊपर. ऐसे खिलाड़ी बहुत कम पैदा होते हैं.
जसपाल के बिना सब अधूरा
DSRA के संयुक्त सचिव इश्विंदर जीत सिंह ने कहा कि कई सालों से दिल्ली का ये सबसे बड़ा शूटिंग मुकाबला जसपाल राणा जी की सरपरस्ती और उनकी गाइडेंस में होता आया है, उनके बिना सब अधूरा लग रहा है. हमारे तमाम खिलाड़ी, कोच और पदाधिकारियों का मन भारी है. लेकिन इस बार दिल्ली स्टेट चैंपियनशिप में रिकॉर्ड एंट्री आई हैं, राइफल, पिस्टल और शॉटगन इवेंट्स में दिल्ली के 1500 से ज़्यादा निशानेबाज़ हिस्सा ले रहे हैं. यह प्रतियोगिता 19 जून तक चलेगी.