5 महीनों में 7.9% महंगे हो गए समार्टफोन, क्या अब सरकार के फैसले से मिलेगी राहत

धीरे-धीरे ज्यादातर मोबाइल बनाने कंपनियां फोन के रेट बढ़ाती जा रही हैं जिसने आम जनता का नया फोन खरीदने का पूरा बजट ही बिगाड़ कर रख दिया है. ऐसे में मार्केट रिसर्च फर्म टेकआर्क ने एक स्टडी की है, इस स्टडी से पता चला है कि 2026 के शुरुआती पांच महीनों में औसतन मोबाइल फोन कितने महंगे हो गए हैं? इस स्टडी के मुताबिक, भारत के स्मार्टफोन मार्केट में एक साल तक कीमतें काफी हद तक स्थिर रहने के बाद जनवरी 2026 से मई 2026 के बीच हैंडसेट की औसत कीमत 7.9 फीसदी बढ़ गई है.

क्या सरकार का एक फैसला देगा आपको राहत?

बुधवार (15 जुलाई) को सरकार ने MPMS यानी मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत 62 हजार 500 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी और इस स्कीम को अगले पांच साल तक लागू किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि इस स्कीम के तहत कंपनियों को स्थानीय स्तर पर भारत में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और पुर्जों की खरीद (डोमेस्टिक सोर्सिंग) के आधार पर इंसेंटिव दिया जाएगा. केवल यही नहीं, स्मार्टफोन निर्यात बढ़ाने पर अलग से इंसेंटिव भी मिलेगा. सरकार के फैसले से अब ऐसा लगता तो है कि कीमतें जिस हिसाब से बढ़ती जा रही हैं उनपर लगाम लगेगा और आम जनता को इससे राहत मिलेगी.

इस स्कीम के पीछे सरकार का मकसद है कि सरकार चाहती है कि जब तक ये स्कीम चल रही है, इस अवधि के दौरान 39 लाख करोड़ की वैल्यू के मोबाइल फोन का प्रोडक्शन हो. याद दिला दें कि इससे पहले लागू PLI स्कीम के तहत 22 लाख करोड़ का प्रोडक्शन देखने को मिला था. इस बार सरकार पिछली अवधि की तुलना ज्यादा वैल्यू का स्थानीय प्रोडक्शन चाहती है. कंपनियों को इस स्कीम के तहत इंसेंटिव देकर सरकार ने अपनी ओर से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और अब सरकार के इस कदम से उम्मीद है कि मोबाइल फोन की बढ़ती कीमतों में लगाम लगेगी.

स्टडी में क्या आया सामने?

आउटलुक बिजनेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस स्टडी में 2025 में लॉन्च हुए 22 ब्रांड के 165 स्मार्टफोन मॉडल्स की मंथली रिटेल कीमतों को ट्रैक किया गया और पाया गया कि 2026 में तेजी से बढ़ने से पहले पिछले साल कीमतों में बहुत कम बदलाव हुआ. इस बात का पता चला है कि बजट सेगमेंट और लोअर मिड-रेंज डिवाइस की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है.

टेकआर्क के चीफ एनालिस्ट और को-फाउंडर फैसल कवूसा ने कहा, 2025 डिस्काउंट का साल था जिन खरीदारों ने इंतजार किया, उन्हें स्थिर या फोन की गिरती कीमतों का इनाम मिला. जबकि 2026 ने इसे पूरी तरह से बदल दिया है.

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