शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसदों की बगावत से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है. इस घटनाक्रम से एकनाथ शिंदे की राजनीतिक ताकत और एनडीए में उनकी अहमियत बढ़ी है, जबकि उद्धव ठाकरे गुट लोकसभा में महज तीन सांसदों तक सिमट गया है. इससे महाविकास अघाड़ी को भी झटका लगा है और राज्य की राजनीति में शिंदे की सौदेबाजी की क्षमता पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है.
