ईरान में शुक्रवार की नमाज कुछ खास थी. ये जुमे की वो नमाज थी जब वर्षों बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई इस दुनिया में नहीं थे. ईरानी अपने प्रिय नेता को याद करते हुए बिलख-बिलख कर रो रहे थे. शुक्रवार को ईरान के शहर काले लिबास वाले इंसानों से पटे हुए थे. गम और गुस्से का समंदर यहां साफ दिख रहा था.