
पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित हमजा कैंप पर शुक्रवार शाम ड्रोन के जरिए हमला होने की खबर सामने आई. सूत्रों के मुताबिक मगरिब की नमाज के तुरंत बाद दो ड्रोन से गिराए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) कैंप परिसर में गिरे. सूत्रों के मुताबिक हमजा कैंप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के टेक्निकल डिवीजन का अहम केंद्र माना जाता है. इसके साथ ही यहां एक आपस में जुड़े अत्याधुनिक डिटेंशन फैसिलिटी (हिरासत केंद्र) भी मौजूद है.
हमजा कैंप उसी जगह पर बना है, जहां पहले ओजरी कैंप हुआ करता था. ओजरी कैंप 10 अप्रैल 1988 को भीषण विस्फोट और आग की घटना में पूरी तरह तबाह हो गया था. उस हादसे को पाकिस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य दुर्घटनाओं में गिना जाता है.
पूरे इलाके को घेरकर जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
हमजा कैंप परिसर में रावलपिंडी डिवीजन का आर्मी पब्लिक स्कूल (APS) भी मौजूद है. इसके अलावा यहां स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) की सुरक्षा इकाई भी तैनात रहती है, जो सीनियर सैन्य अधिकारियों और जनरलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है. फिलहाल हमले में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके को घेरकर जांच में जुटी हुई हैं.