वेस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया को गहरे आर्थिक संकट में डाल सकता है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी इस जंग के बीच अब शांतिदूत के रूप में भारत का नाम सबसे ऊपर आ रहा है. फिनलैंड के राष्ट्रपति से लेकर ग्लोबल एक्सपर्ट्स तक का मानना है कि केवल भारत ही वह शक्ति है, जो इन तीनों देशों को एक मेज पर ला सकती है. आखिर सबको भारत से ही यह लड़ाई सुलझाने की उम्मीद क्यों है?