अमेरिका की बादशाहत खत्म! US फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, ड्रोन सब तबाह, ईरान ने बदल दिया इतिहास

अमेरिका की बादशाहत खत्म! US फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, ड्रोन सब तबाह, ईरान ने बदल दिया इतिहास

सुुपर पावर अमेरिका, जिसकी सैन्य शक्ति के सामने टिकना लगभग नामुमकिन है. लेकिन ईरान ने ये भ्रम तोड़ दिया है. ईरान ना सिर्फ युद्ध में टिका है बल्कि अमेरिकी सेना को जबरदस्त टक्कर दे रहा है. बीते 24 घंटे में अमेरिकी वायुसेना को इतना नुकसान पहुंचा है, जितना तीसरे विश्वयुद्ध के बाद शायद ही कभी हुआ हो. ईरान ने अमेरिका के सात एयरक्राफ्ट तबाह कर दिए. बीते 24 घंटे में ईरान युद्ध में जो कुछ हुआ अब उसने अमेरिका की साख पर प्रश्चचिन्ह खड़ा कर दिया है. माना जा रहा है कि अगर युद्ध जल्दी नहीं रुका, तो ये अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी गलती साबित होगा.

दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा था कि ईरानी डिफेंस सिस्टम बर्बाद हो चुके हैं. अब उनके पास एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम नहीं हैं. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया था कि ईरान के एयरस्पेस पर अब पूरी तरह से अमेरिका का कंट्रोल है और अमेरिकी वायुसेना को रोकना नामुमकिन है.

ईरान ने ट्रंप को दिखाया आईना

लेकिन बीते 24 घंटे में ईरान ने ट्रंप को आईना दिखाते हुए वो किया जो बीते 24 साल में नहीं हुआ था. आसमान में परवाज भरते अमेरिकी फाइटर जेट्स और दो हेलिकॉप्टर्स को ईरानी सेना ने तबाह कर दिया. साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सभी दावों की हवा निकाल दी. ईरान ने साबित कर दिया कि बीते 35 दिन से जारी एयरस्ट्राइक के बाद भी ईरानी सेना के पास इतना बारूद मौजूद है, जो अमेरिकी वायुसेना को मिट्टी में मिला सकता है.

बीते 24 घंटे में ईरानी एयरस्पेस में अमेरिका के एक F-15 फाइटर जेट को तबाह कर दिया गया. साथ ही एक F-16 फाइटर जेट, A-10 वॉर्टहॉग और दो HH-60 पेव हॉक हेलिकॉप्टर को भी नष्ट करने का दावा ईरान ने किया है. इसके अलावा दो MQ 9 रिपर ड्रोन भी ईरानी एयरस्पेस में तबाह कर दिए गए हैं.

अमेरिकी वायुसेना को भारी नुकसान

दूसरे विश्व युद्ध के बाद महज एक दिन में अमेरिकी वायुसेना को कभी इतना नुकसान नहीं पहुंचा था. ये नुकसान अमेरिका की साख के लिए बड़ा झटका है और इसकी वजह है, इनका हैंगर में नहीं होना. अमेरिकी वायुसेना के ये हेलिकॉप्टर, फाइटर जेट और ड्रोन एयरबेस पर ग्राउंडिड या रेडी टू अटैक मोड में नहीं थे. बल्कि दुश्मन के एयरस्पेस में ऑपरेशन को अंजाम देने में जुटे थे. ऐसे में इनका तबाह होना अमेरिकी डिफेंस इंडस्ट्री और वायुसेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिका का F-15 फाइटर जेट ईरान में ऑपरेशन पर था. ये फाइटर जेट खुजेस्तान या बॉयेर-अहमद प्रांत के आसपास उड़ान भर रहा था. इसी दौरान एक ईरानी मिसाइल से इसपर हमला किया गया. ये हमला 100% सटीक था. जिसमें F-15 फाइटर जेट तबाह हो गया. इसमें दो पायलट मौजूद थे. दोनों ने वक्त रहते खुद को प्लेन से इजेक्ट कर लिया. एक पायलट को अमेरिकी सेना ने रेस्क्यू किया जबकि दूसरे की लोकेशन नहीं मिल सकी है.

पेव हॉक हेलिकॉप्टर और A-10 वॉर्टहॉग ग्राउंड अटैक विमान इसी पायलट को ढूंढने के लिए ऑपरेशन पर थे. ये इसी इलाके में लगातार उडान भर रहे थे. दावा है कि इसी दौरान दो पेव हॉक हेलिकॉप्टर पर ईरानी सेना ने सटीक निशाना लगाया और तबाह कर दिया. वहीं A-10 वॉर्टहॉग विमान को भी ईरानी एयरस्पेस में तबाह कर दिया गया.

अमेरिकी वायुसेना के लिए ब्लैक फ्राइडे

शुक्रवार का दिन अमेरिकी वायुसेना के लिए ब्लैक फ्राइडे माना जा रहा है. क्योंकि बीते 24 सालों में ऐसा पहली बार है जब अमेरिका के किसी फाइटर जेट को दुश्मन ने मार गिराया. इससे पहले साल 2003 में इराक युद्ध के दौरान एक A-10 वॉर्टहॉग को सरफेस टू एयर मिसाइल से मार गिराया गया था, जिसके बाद कोई देश अमेरिकी फाइटर जेट को आसमान में छू नहीं सका लेकिन F-15 को आसमान में तबाह कर ईरान ने इस रिकॉर्ड को तोड़ डाला.

जेट से लेकर हेलिकॉप्टर और ड्रोन तक तबाह

ईरान ने अमेरिका के फाइटर जेट से लेकर हेलिकॉप्टर और ड्रोन तक को नुकसान पहुंचाया है. जो बताता है कि अमेरिकी वायुसेना का कोई आसमानी लड़ाका ईरान के एयरस्पेस में सुरक्षित नहीं है. ईरान ने ना सिर्फ अमेरिका को चोट पहुंचाई बल्कि उसके सबूत भी पेश किए. अमेरिका की एयरफोर्स को उसकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है लेकिन एक्सपर्ट्स अब मान रहे हैं कि ये महज एक गुब्बारा था, जो ईरान युद्ध के दौरान फूट चुका है.

  • ईरान जंग में अमेरिकी सेना को अब तक 2 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. इस नुकसान की लिस्ट में सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिकी वायुसेना का है. ईरान एक F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचा चुका है, जिसकी कीमत 11 करोड़ डॉलर के आसपास है.
  • वहीं जंग में चार F-15 फाइटर जेट तबाह हो चुके हैं, जिसमें एक की कीमत करीब 9 करोड़ डॉलर है. अमेरिका का एक A-10 वॉर्टहॉग भी ईरानी सेना ने तबाह कर दिया. ये एक ग्राउंड अटैक विमान है, जिसकी कीमत 2 करोड़ डॉलर के आसपास है.
  • E-3 सेंट्री अवॉक्स एयरक्राप्ट का तबाह होना अमेरिका के लिए सबसे बड़े झटका है. ऐसे सिर्फ 16 विमान अमेरिकी वायुसेना के पास हैं, जिसकी कीमत 70 करोड़ डॉलर के आसपास है. वहीं ईरान अमेरिका के KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर को भी नुकसान पहुंचा चुका है. एक रिफ्यूलिंग टैंकर की कीमत 4 करोड़ डॉलर के आसपास है.
  • यही नहीं अब तक एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और दो पेव हॉक हेलिकॉप्टर जंग में तबाह हो चुके हैं. इस एक हेलिकॉप्टर की कीमत 2 करोड़ डॉलर के करीब आंकी जा रही है. जंग में अब तक 17 MQ-9 रीपर ड्रोन भी ईरान ने तबाह किए हैं. इस एक ड्रोन की कीमत 3 करोड़ डॉलर के आसपास है.

पेंटागन से लेकर वॉशिंगटन तक हड़कंप

बता दें कि ईरान की मिसाइल से फाइटर जेट तबाह होने के बाद पेंटागन से लेकर वॉशिंगटन तक हड़कंप मच गया है. जिसके बाद नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इमरजेंसी बैठक की है. इस बैठक में राष्ट्रपति को दुर्घटनाग्रस्त विमान और उसके पायलट की जानकारी दी गई. दावा है कि ट्रंप की नेशनल सिक्योरिटी टीम वेस्ट विंग में 24 घंटे से डटी हुई है. ईरान में चल रहे खोज और बचाव अभियान पर लगातार नजर रखी जा रही है.

US पायलट की तलाश

ईरान में अमेरिकी पायलट की खोज जारी है. पायलट को पकड़ने पर 50 हजार डॉलर का इनाम भी घोषित किया गया है. जिसके बाद खुजेस्तान और उसके आसपास के क्षेत्र में कबिलायी लोग पायलट की तलाश कर रहे हैं.

हालांकि इसके बाद भी डोनाल्ड ट्रंप झुकने के लिए तैयार नहीं है. एक अमेरिकी टीवी चैनल से बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ किया है कि इससे वार्ता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. वो अपने एजेंडे पर डटे हैं. साफ है, दूसरे महीने में युद्ध 180 डिग्री टर्न लेता नजर आ रहा है. अगर जल्द अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसका कोई हल नहीं निकाला तो ईरान युद्ध अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी गलती बन जाएगा.

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