यूरेनियम पर कोई समझौता नहीं हुआ…ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को किया खारिज

यूरेनियम पर कोई समझौता नहीं हुआ…ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को किया खारिज

ईरान ने यूरेनियम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है. ट्रंप ने कहा था कि तेहरान ने अपने यूरेनियम भंडार को सौंपने पर सहमति जताई है. ईरानी सूत्रों ने बताया कि अभी तक ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है. सूत्र ने कहा कि अमेरिका को किसी भी प्रकार की न्यूक्लियर सामग्री को देने पर कोई बातचीत नहीं हुई है.

एक अन्य ईरानी सूत्र ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक और झूठ बताया और कहा कि चल रही बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है. सूत्र ने आगे कहा कि बातचीत जारी रखना ईरान की सभी शर्तों के अनुपालन पर निर्भर करेगा.

ट्रंप ने सफलता का किया दावा

यह प्रतिक्रिया ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि लगभग छह हफ्ते के संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं. व्हाइट हाउस में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि तेहरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को सौंपने पर सहमत हो गया है.

परमाणु मैटेरियल वापस देने पर सहमत

ट्रंप ने कहा कि वे हमें परमाणु मैटेरियल वापस देने पर सहमत हो गए हैं, उनका इशारा समृद्ध यूरेनियम की ओर था, जिसके बारे में वाशिंगटन का मानना है कि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि समझौते के अंतिम रूप दिए जाने की बहुत अच्छी संभावना है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर इस्लामाबाद में समझौता हो जाता है तो वे वहां की यात्रा कर सकते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वार्ता निर्णायक चरण के करीब पहुंच रही है.

परमाणु प्रतिबंधों पर जोर

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित होना चाहिए कि ईरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके. उन्होंने यूरेनियम संवर्धन पर समयबद्ध रोक लगाने के विचार को खारिज कर दिया और इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रतिबंध स्थायी होने चाहिए.

ट्रंप ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात जो हमें करनी है वह यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों, और चेतावनी दी कि अगर यह लक्ष्य हासिल नहीं हुआ तो गंभीर वैश्विक परिणाम होंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने इन शर्तों पर बहुत दृढ़ता से सहमति जताई है.

अभी अंतिम समझौते से बहुत दूर

साथ ही, ट्रंप ने कहा कि हाल की वार्ताओं में तेहरान पहले के चरणों की तुलना में अधिक लचीला दिखाई दिया, जो हफ्तों के सैन्य तनाव के बाद उसके रुख में आए बदलाव का संकेत है. इन दावों के बावजूद, ईरानी सूत्रों ने संकेत दिया कि वार्ता अभी भी अधूरी है और अंतिम समझौते से बहुत दूर है. उन्होंने कहा कि परमाणु सामग्री हस्तांतरण सहित प्रमुख मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और सुझाव दिया कि वाशिंगटन के बयान समय से पहले हो सकते हैं.

सूत्रों ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान का रुख सशर्त बना हुआ है, और कोई भी प्रगति अमेरिका द्वारा तेहरान द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर निर्भर है, हालांकि उन शर्तों की जानकारी सार्वजनिक नहीं किया गया है.

नाजुक कूटनीतिक का समय

विरोधाभासी बयानों से दोनों देशों के बीच कूटनीति की नाजुक स्थिति उजागर होती है. जहां वाशिंगटन ने संभावित सफलता को लेकर आशावाद व्यक्त किया है, वहीं तेहरान की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि प्रमुख मतभेद अभी भी अनसुलझे हैं.

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

RSS
Follow by Email
Pinterest
LinkedIn
Share
Telegram
WhatsApp
Reddit