
पूर्वोत्तर भारत में सामरिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाली सीमा सड़क संगठन (BRO) की 25 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (25 BRTF) को मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गवर्नर यूनिट सिटेशन से सम्मानित किया है. यह सम्मान भारत-म्यांमार सीमा पर रणनीतिक बॉर्डर फेंसिंग और महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क के निर्माण व रखरखाव में योगदान के लिए दिया गया.
साल 2025 के दौरान मणिपुर के कठिन पहाड़ी इलाकों और चुनौतीपूर्ण सुरक्षा परिस्थितियों में 25 BRTF ने कई अहम परियोजनाओं को पूरा किया. इन परियोजनाओं का सीधा संबंध सीमा सुरक्षा, सैन्य आवाजाही और पूर्वोत्तर क्षेत्र में रणनीतिक कनेक्टिविटी बढ़ाने से है.
म्यांमार सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ मजबूत
भारत-म्यांमार सीमा पर सड़क और फेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे घुसपैठ, तस्करी और उग्रवादी गतिविधियों पर निगरानी आसान होती है साथ ही सेना और अर्धसैनिक बलों की तेज तैनाती में भी मदद मिलती है. 
25 BRTF ने किया सराहनीय कार्य
इस सम्मान के दौरान BRO ने कहा कि 25 BRTF ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने साहस, समर्पण और पेशेवर क्षमता का परिचय दिया है. पूर्वोत्तर में तेजी से विकसित हो रहा यह सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चर भारत की एक्ट ईस्ट नीति और सीमा सुरक्षा रणनीति दोनों के लिए बेहद अहम है.
भारत की एक्ट ईस्ट नीति
भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (AEP), जिसे 2014 में शुरू किया गया था, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के साथ आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को बेहतर बनाने की एक सक्रिय कूटनीतिक पहल है. यह 1991 की ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ का ही एक उन्नत रूप है. ASEAN को अपने केंद्र में रखते हुए, यह नीति कनेक्टिविटी, सुरक्षा और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर जोर देती है, और जापान, दक्षिण कोरिया तथा ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ संबंधों को मजबूत बनाती है.
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