2 किमी लंबी लाइन, बंद पड़े पेट्रोल पंप… महाराष्ट्र में पानी पहुंचाने वाले टैंकर को भी नहीं मिल रहा तेल

2 किमी लंबी लाइन, बंद पड़े पेट्रोल पंप… महाराष्ट्र में पानी पहुंचाने वाले टैंकर को भी नहीं मिल रहा तेल

महाराष्ट्र में ईंधन की भारी कमी है. हर जिले में नागरिक पेट्रोल और डीजल के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं. खास बात यह है कि लोग रात से ही कतारों में लगे हुए हैं. वे पेट्रोल पंपों पर ही रुके हुए हैं. पेट्रोल पंपों पर दो-दो तीन किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं. किसानों को भी डीजल मिलना मुश्किल हो गया है. कुछ जगहों पर लोग ड्रम और डिब्बों में पेट्रोल भरकर ले जाते नजर आ रहे हैं. लोग पेट्रोल और डीजल का स्टॉक भी जमा कर रहे हैं. ईंधन की कमी के कारण राज्य के कई पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं.

छत्रपति संभाजीनगर में 10 से अधिक पेट्रोल पंप बंद हैं. इस वजह से लोग पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए परेशान हैं. पेट्रोल खत्म होने पर एक NEET छात्र को अपनी स्कूटी तीन किलोमीटर तक खींचकर घर जाना पड़ा. NEET छात्र आयुष ताते ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया, “हम सुबह 11 बजे निकले थे. हमने तीन-चार पेट्रोल पंपों पर जाकर देखा. वहां लोगों की लंबी कतारें लगी थीं. लोग रात से ही अपनी गाड़ियां खड़ी करके घर चले गए थे. हम गोपाल टी पेट्रोल पंप पर आए. लेकिन जब हमारी बारी आई तो उन्होंने बताया कि पेट्रोल खत्म हो गया है. अब हमारी गाड़ी पूरी तरह से खाली है. हमें तीन-चार किलोमीटर गाड़ी चलानी पड़ेगी. मैंने उनसे पूछा कि क्या मैं अपनी गाड़ी पेट्रोल पंप पर खड़ी कर सकता हूं? उन्होंने कहा कि आप अपनी जिम्मेदारी पर खड़ी कर सकते हैं, हमारी जिम्मेदारी नहीं. मैं NEET का छात्र हूं. हम पढ़ाई कैसे करें? हमें पेट्रोल के लिए हर जगह जाना पड़ता है.

कईपेट्रोल पंप बंद

हमारे प्रतिनिधि ने कल रात 12 बजे के बाद जलगांव शहर और उसके आसपास के सात पेट्रोल पंपों पर स्थिति का जायजा लिया. हमारे प्रतिनिधि ने मोहादी रोड क्षेत्र, डी मार्ट के पास, राष्ट्रीय राजमार्ग के पास मास्टर कॉलोनी, नेरी नाका क्षेत्र, पांडे चौक, विजिलेंस पेट्रोल पंप और कोज़ी कॉटेज पेट्रोल पंप सहित सात स्थानों पर पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया. यह देखा गया कि सात में से छह पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने के संकेत नहीं लगे थे, क्योंकि वहां पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं था. एक पंप पर जहां पेट्रोल-डीजल उपलब्ध था, वहां नागरिकों की भीड़ देखी गई.

पेट्रोल और डीजल की कमी के कारण छह पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद रहे. एक कर्मचारी पंप की रखवाली करता नजर आया. राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ओम साई इंदु रमेश पेट्रोल पंप पर दोपहर 12 बजे के बाद भी पेट्रोल और डीजल के लिए नागरिकों की भीड़ देखी गई. ओम साई इंदु रमेश पेट्रोल पंप पर एक तरफ चार पहिया वाहनों की कतारें थीं, दूसरी तरफ नागरिक बड़े-बड़े डिब्बे लेकर कतार में खड़े थे. तीसरी तरफ दो पहिया वाहन चालकों की भीड़ थी.

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नहीं है मिल रहा डीजल-पेट्रोल

देखा गया कि इस पेट्रोल पंप पर डीजल डिब्बों में बेचा जा रहा था, जबकि जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया था कि पेट्रोल और डीजल डिब्बों या बोतलों में नहीं बेचा जाना चाहिए. रात के समय, 40-50 किलोमीटर दूर से भी कुछ किसान डिब्बों के साथ इस पेट्रोल पंप पर डीजल के लिए कतार में खड़े रहे. दिन भर कई पेट्रोल पंपों पर जाने के बाद भी डीजल नहीं मिला. साथ ही, चार पहिया वाहन चालक भी कतार में खड़े थे क्योंकि कुछ को अस्पताल जाना था और कुछ को अपने गांव जाना था. नागरिकों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया क्योंकि उन्हें दिन-रात पेट्रोल और डीजल की तलाश करनी पड़ी लेकिन डीजल नहीं मिला.

अकोला जिले के पातुर क्षेत्र में कई पेट्रोल पंपों पर डीजल नहीं मिल रहा. इसके अलावा, कई पेट्रोल पंपों पर डीजल न होने की सूचना वाले बोर्ड भी लगाए गए हैं. बुलढाणा और वाशिम जिलों में भी स्थिति अकोला जैसी ही पाई गई है.

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राज्य भर में डीजल की कमी का संकट गहराता जा रहा है, और अब इसका असर अकोला जिले में भी दिखने लगा है. अकोला के बालापुर इलाके के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल नहीं मिल रहा है. कुछ पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद हैं. डीजल की कमी के कारण बालापुर स्थित जियो पेट्रोल पंप भी बंद रहा. गौरतलब है कि बुलढाणा और वाशिम जिलों के कई इलाकों में डीजल की कमी के कारण स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है और कई पेट्रोल पंपों पर डिब्बों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं.

लगी लंबी-लंबी लाइनें

पिछले दस दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है. अहिल्यानगर में पेट्रोल 90 पैसे और डीजल 95 पैसे महंगा हो गया है. आज अहिल्यानगर में पेट्रोल 108.87 रुपये और डीजल 95.47 रुपये में मिल रहा है. इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिल रहा है. इस वजह से उन्हें शहरी क्षेत्रों में आकर ड्रमों में डीजल ढोना पड़ रहा है.

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ड्रम-डिब्बे लेकर पहुंचे लोग

वाशिम जिले में डीजल की कमी की समस्या लगातार नौवें दिन भी जारी है. प्रशासन का दावा है कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है. बड़ी संख्या में किसान डीजल लेने के लिए वाशिम शहर के सतर्कता पेट्रोल पंप पर अपने डिब्बे लेकर आ रहे हैं और लंबी कतारें लग रही हैं. प्रशासन ने डीजल वितरण के लिए नए नियम और शर्तें लागू की हैं. हालांकि, कई किसान रात भर अपने नंबर वाले डिब्बे लेकर इंतजार करते रहे, लेकिन अब उनके सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि जरूरी दस्तावेज कहां से मिलेंगे. कृषि कार्य जारी रहने के बावजूद किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है.

‘पेट्रोल नहीं तो बंद कर दो पंप’

मुक्ताई नगर, जलगांव में पेट्रोल पंप न मिलने से ग्राहक अपना धैर्य खो रहे थे. ग्राहकों ने नारा लगाया, “अगर पेट्रोल नहीं दिया तो पंप बंद कर दो.” द्वारका के पेट्रोल पंप मालिक ने बताया कि पंप पर अनुशासनहीनता के कारण उन्होंने पेट्रोल की आपूर्ति बंद कर दी है. उन्होंने कहा, “पेट्रोल पंप पर भगदड़ मची हुई है, भीड़ जमा है.” उन्होंने यह भीबताया कि पुलिस प्रशासन को सूचना नहीं दी जा रही है और कोई मदद नहीं मिल रही है.

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