अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान समेत अरब के दूसरे मुस्लिम देशों को अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होने को कहकर पश्चिम एशिया की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दिया है. अरब मुल्क अब फिलीस्तीन का हक अदा करेंगे या ट्रंप की बात मानेंगे. यही सवाल पाकिस्तान के सामने भी है.