कौन है हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी, जिसने व्यापारी के परिवार को गोलियों से भूना, 2 की मौत

कौन है हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी,  जिसने व्यापारी के परिवार को गोलियों से भूना, 2 की मौत

उत्तर प्रदेश में बागपत जिले के बड़ौत में दिनदहाड़े टेंट कारोबारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की हत्या के मामले में नामजद हिस्ट्रीशीटर वरुण उर्फ वरुण लुहारी एक बार फिर सुर्खियों में है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वरुण लुहारी कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि बड़ौत कोतवाली का दर्ज हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, बलवा, मारपीट और रंगदारी जैसी गंभीर धाराओं में कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं.

पुलिस के रिकॉर्ड में वरुण लुहारी के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में सबसे अधिक मुकदमे दर्ज हैं. उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 323, 325, 342, 379, 384, 411, 504, 506 सहित गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है. इसके अलावा हरियाणा के सोनीपत जिले के शहर थाना क्षेत्र में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है. अपराध की दुनिया में लंबे समय से सक्रिय वरुण लुहारी पर पुलिस लगातार निगरानी रख रही थी. इसके बावजूद उस पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगते रहे हैं. आज शाम बड़ौत के मुख्य बस स्टैंड के पास हुई सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

खुलेआम कैसे घूम रहा था हिस्ट्रीशीटर?

प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, आरोपी वरुण अपने साथियों के साथ टेंट कारोबारी की दुकान पर पहुंचा और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. इस हमले में कारोबारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके पुत्र विकास अग्रवाल की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हुए. घटना के दौरान स्वयं वरुण लुहारी के भी घायल होने की सूचना है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि 19 मुकदमों का आरोपी और पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हिस्ट्रीशीटर आखिर खुलेआम कैसे घूम रहा था और पुलिस चौकी से महज कुछ कदम दूर इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम दे दिया.

लोगों ने पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शन

घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम कर लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं. बागपत का यह दोहरा हत्याकांड न केवल जिले की कानून-व्यवस्था बल्कि हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

RSS
Follow by Email
Pinterest
LinkedIn
Share
Telegram
WhatsApp
Reddit