भारत के समुद्री क्षेत्र को मिला नया प्रहरी, ‘ICGS अक्षय’ तटरक्षक बेड़े में शामिल

भारत के समुद्री क्षेत्र को मिला नया प्रहरी, ‘ICGS अक्षय’ तटरक्षक बेड़े में शामिल

भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्री सुरक्षा, खोज, बचाव अभियानों और तटीय निगरानी को मजबूत करने के लिए शनिवार को ‘आईसीजीएस अक्षय’ को बेड़े में शामिल किया. यह गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित एक नई पीढ़ी का तेज गश्ती पोत है. इस स्वदेशी पोत को वास्को स्थित ‘गोवा शिपयार्ड लिमिटेड’ में आयोजित एक समारोह में वरिष्ठ तटरक्षा अधिकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया गया.

‘गोवा शिपयार्ड लिमिटेड’ द्वारा डिजाइन और निर्मित इस पोत का निर्माण केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत किया गया है, जो देश की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को प्रदर्शित करता है.

भारतीय तटरक्षक बल को मिला ICGS अक्षय

दरअसल भारतीय तटरक्षक बल ने शनिवार को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड, गोवा में नई पीढ़ी के फास्ट पेट्रोल वेसल (तेज़ गश्ती पोत) ICGS अक्षय को सेवा में शामिल करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की. इस पोत को औपचारिक रूप से परमा सेन (IA&AS), अतिरिक्त सचिव (कार्मिक), व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय द्वारा सेवा में शामिल किया गया.

इस मौके पर इंस्पेक्टर जनरल भीष्म शर्मा (PTM, TM), कमांडर, कोस्ट गार्ड रीजन (पश्चिम), इंस्पेक्टर जनरल ज्योतिंद्र सिंह (TM), उप महानिदेशक (HRD), केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे.

भारतीय तटरक्षक बल की मजबूती का प्रतीक

‘अक्षय’ – जिसका अर्थ है ‘अविनाशी’ – नाम वाला यह पोत देश के समुद्री हितों की रक्षा में भारतीय तटरक्षक बल की अटूट भावना, मजबूती और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है. यह सुरक्षित और स्वच्छ समुद्र सुनिश्चित करने के साथ-साथ बल में जताए गए भरोसे को बनाए रखने के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है.

समुद्री इकोसिस्टम की बढ़ती ताकत

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा डिज़ाइन और निर्मित, ICGS अक्षय स्वदेशी जहाज निर्माण में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ पहलों के तहत सरकार के आत्मनिर्भरता के विजन को मजबूत करता है. इस पोत का सेवा में शामिल होना भारत की घरेलू जहाज निर्माण क्षमताओं और समुद्री इकोसिस्टम की बढ़ती ताकत को उजागर करता है.

ICGS अक्षय समुद्री क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक बल की विभिन्न जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद करेगा, जिसमें समुद्री कानून का प्रवर्तन, खोज और बचाव, तटीय सुरक्षा, समुद्री पर्यावरण संरक्षण और संकट में फंसे नाविकों की सहायता शामिल है.

राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपरा

कमांडेंट (JG) दीपक चौबे की कमान में, ICGS अक्षय और उसका चालक दल भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल हो रहा है, जो व्यावसायिकता, सतर्कता और राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएगा. ICGS अक्षय का सेवा में शामिल होना भारतीय तटरक्षक बल के चल रहे आधुनिकीकरण की दिशा में एक और कदम है, जो एक सुरक्षित और मजबूत समुद्री भारत के समर्थन में समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है.

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