अश्विनी कुमार ने 40 साल की उम्र में आरामदायक नौकरी और वाइस प्रेसिडेंट का पद छोड़कर खुद का स्टार्टअप शुरू किया. उनकी कहानी संघर्ष, बीमारी, आर्थिक तंगी और व्यक्तिगत नुकसान के बावजूद हिम्मत और रिस्क लेने की प्रेरणा देती है. उन्होंने कई बार असफलताओं का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी और अंततः अपने बिजनेस को 100 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री तक पहुंचाया.