नई दिल्ली। “शहर सिर्फ इमारतों से नहीं, पेड़ों और फूलों से जीवित होता है।” यह विचार था मोहिंदर सिंह रंधावा का, एक ऐसे प्रशासनिक अधिकारी जिन्होंने अपनी वैज्ञानिक सोच और प्रकृति प्रेम से आधुनिक भारत की तस्वीर बदल दी। 20वीं सदी के इस महान प्रशासक ने भारत में हरित क्रांति आने से पहले ही कई […]