अमेरिका ने पाकिस्तान की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए सैन्य और खुफिया एजेंसियों के बजट को संसदीय या नागरिक निगरानी के दायरे में लाने की सिफारिश की है. अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान से सरकारी कर्ज, सरकारी कंपनियों की देनदारियों और बजट प्रस्ताव को लेकर भी ज्यादा जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है.