एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह के भाई के खिलाफ केस दर्ज, ड्रग मामले से कनेक्शन, फरार

एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह के भाई के खिलाफ केस दर्ज, ड्रग मामले से कनेक्शन, फरार

अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह के भाई अमन प्रीत सिंह पर हैदराबाद पुलिस ने ड्रग्स मामले में फिर से मामला दर्ज किया है. फिलहाल वह फरार है. मसाब टैंक पुलिस ने ड्रग्स मामले में अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह के भाई अमन प्रीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है. पश्चिमी जोन के डीसीपी चौधरी श्रीनिवास ने बताया कि 19 दिसंबर को पुलिस ने कोकीन और एमडीएमए रखने, परिवहन करने और बेचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया था.

ड्रग्स मामले में गिरफ्तार आरोपियों में मलकपेट निवासीरियल एस्टेट ब्रोकर नितिन सिंघानिया (35) और ट्रूप बाजार निवासी व्यवसायी श्राणिक सिंहवी (36) शामिल हैं. 19 दिसंबर को चाचा नेहरू पार्क के पास ड्रग्स जब्त होने के बाद मसाब टैंक पुलिस स्टेशन के एक सब इंस्पेक्टर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था. एफआईआर के अनुसार, पुलिस को ड्रग्स की सुनियोजित डिलीवरी की सूचना मिलने के बाद पार्क पार्किंग क्षेत्र के पास एक ग्रे रंग की कार को रोका गया.

कोकीन और एमडीएमए बरामद

तलाशी अभियान के दौरान, पुलिस ने वाहन के डैशबोर्ड में छिपाई गई 43.7 ग्राम कोकीन और 11.5 ग्राम एमडीएमए बरामद की. जांच दल ने मौके पर ही ड्रग्स की पुष्टि की. पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वे एक छद्म नाम से सेव किए गए मोबाइल नंबर का उपयोग करके एक नाइजीरियाई आपूर्तिकर्ता से कोकीन और एमडीएमए मंगवा रहे थे और अफ्रीकी कूरियर के माध्यम से हैदराबाद में डिलीवरी कर रहे थे. उन्होंने बताया कि ड्रग्स शहर में उपभोक्ताओं के एक सीमित समूह को बेचने के लिए थी.

दो अफ्रीकी नागरिक गिरफ्तार

24 दिसंबर को पुलिस ने दो अफ़्रीकी नागरिकों को गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान चार नशाखोरों के नाम सामने आए, जिनमें अमन प्रीत सिंह भी शामिल है. अमन प्रीत सिंह का नाम साइबराबाद पुलिस द्वारा पहले दर्ज किए गए एक ड्रग्स मामले में भी आरोपी के रूप में दर्ज था, जिसमें नरसिंगी का मामला भी शामिल है.

अमन प्रीत सिंह फरार

एफआईआर में कई कथित नशाखोरों के नाम हैं, जिनमें अमन प्रीत सिंह भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है. पुलिस ने बताया कि उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित की गई हैं. जांचकर्ता मुख्य आपूर्तिकर्ता और आपूर्ति श्रृंखला में शामिल बिचौलियों की पहचान करने और उनका पता लगाने की भी कोशिश कर रहे हैं. यह मामला एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8(सी), 22(बी)(सी), 27(ए), 27(ए) और 29 के तहत भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ दर्ज किया गया है.

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