EU-भारत ऐतिहासिक ट्रेड डील के बेहद करीब, जानें FTA से देश को कितना फायदा?

EU-भारत ऐतिहासिक ट्रेड डील के बेहद करीब, जानें FTA से देश को कितना फायदा?

दुनिया में बढ़ती अनिश्चितता के बीच यूरोपीय संघ (EU) और भारत एक-दूसरे के और करीब आ रहे हैं. EU और भारत के बीच जल्द ही मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हो सकता है. इसे दोनों पक्षों के लिए एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक डील माना जा रहा है. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दावोस में कहा कि EU और भारत ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं.

क्या है FTA?

FTA यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट. इसका मतलब है कि दोनों देश/समूह एक-दूसरे के सामान पर टैक्स और रुकावटें कम करते हैं, जिससे व्यापार बढ़ता है.

क्यों खास है यह डील?

अगर EU-भारत FTA हो जाता है तो यह दुनिया की सबसे बड़ी व्यापारिक साझेदारियों में से एक होगी. इससे करीब 2 अरब लोगों का बाजार जुड़ेगा और व्यापार में बड़ा फायदा होगा.

EU की टीम भारत आएगी

EU के बड़े नेता 25 से 27 जनवरी के बीच भारत दौरे पर आएंगे. इसी दौरान 16वां EU-भारत शिखर सम्मेलन होगा, जहां इस डील को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है. खास बात यह भी है कि EU प्रतिनिधिमंडल भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होगा.

अभी कौन-कौन सी बातें अटकी हैं?

हालांकि, कुछ मुद्दों पर अभी भी बात पूरी तरह नहीं बनी है, जैसे-

  • कृषि उत्पादों का व्यापार (खेती से जुड़े सामान)
  • EU के सख्त नियम और कार्बन टैक्स (CBAM)
  • बौद्धिक संपदा अधिकार यानी पेटेंट और तकनीक से जुड़े नियम

इन मुद्दों पर दोनों पक्षों को समझौते के लिए राजनीतिक स्तर पर फैसला लेना होगा.

सिर्फ व्यापार नहीं, सुरक्षा पर भी बात

EU और भारत अब सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्किसमुद्री सुरक्षा,आतंकवाद के खिलाफ सहयोग,साइबर सुरक्षा,डिफेंस पार्टनरशिप जैसे मुद्दों पर भी साथ काम करना चाहते हैं. EU चाहता है कि भारत उसकी सप्लाई चेन और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा पार्टनर बने.

वीजा और लोगों की आवाजाही भी आसान हो सकती है. इस शिखर सम्मेलन में यह भी उम्मीद है किछात्रों,रिसर्चर्स, कुशल प्रोफेशनल्स और सीजनल वर्कर्स के लिए यूरोप जाना आसान हो सकता है.

डील पर अंतिम मुहर

EU और भारत की यह साझेदारी आने वाले समय में व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिए बहुत अहम साबित हो सकती है. अब नजरें जनवरी के अंत में होने वाले शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं, जहां इस बड़ी डील पर अंतिम मुहर लग सकती है.

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