बांग्लादेश का यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाता ‘जुलाई चार्टर’ के भविष्य का भी फैसला करेंगे, जो संविधान में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव माना जा रहा है. इस चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP को शुरुआती बढ़त में माना जा रहा है, लेकिन उसके पूर्व सहयोगी और शफीकुर रहमान के नेतृत्व में फिर से मजबूत हो रही जमात-ए-इस्लामी इस बार बड़ा उलटफेर कर सकती है.