AI Summit Highlights: मुकेश अंबानी ने एआई को क्यों कहा ‘अक्षय पात्र’? क्या यह हमसे भी स्मार्ट होगा?

राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में आज तकनीक और व्यापार जगत के दिग्गजों का जमावड़ा लगा. इस समिट के प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के एआई मिशन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. पीएम ने कहा कि टेक्नोलॉजी शक्तिशाली जरूर है, लेकिन उसकी दिशा हमेशा इंसान ही तय करेंगे. उन्होंने घोषणा की कि भारत अपने एआई मिशन के तहत जीपीयू (GPUs) की संख्या में भारी बढ़ोतरी कर रहा है. वर्तमान में भारत के पास 38,000 जीपीयू हैं और अगले छह महीनों में 24,000 और लगाए जाएंगे. इससे भारतीय स्टार्टअप्स को बहुत ही किफायती दरों पर वर्ल्ड क्लास कंप्यूटिंग पावर उपलब्ध होगी, जिससे वे ग्लोबल लेवल पर मुकाबला कर सकेंगे. वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने समिट के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत बताया. उन्होंने एआई की तुलना महाभारत के ‘अक्षय पात्र’ से की, जो कभी न खत्म होने वाला पोषण प्रदान करता था. अंबानी ने कहा कि एआई ज्ञान, दक्षता और उत्पादकता में असीमित वृद्धि का साधन है. उन्होंने एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया कि क्या एआई कुछ लोगों के हाथों में शक्ति केंद्रित करेगा या सभी के लिए अवसरों का लोकतंत्रीकरण करेगा. उन्होंने चिंता जताई कि अगर डेटा और कंप्यूटिंग पावर पर केवल विकसित देशों का कब्जा रहा, तो वैश्विक असमानता और बढ़ सकती है. इस मौके पर, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने समिट में अपनी पुरानी यादें ताजा कीं. उन्होंने बताया कि छात्र जीवन में वह चेन्नई से खड़गपुर जाने के लिए कोरोमंडल एक्सप्रेस से सफर करते थे और विशाखापत्तनम के शांत माहौल को देखते थे. पिचाई ने ऐलान किया कि गूगल भारत में 15 अरब डॉलर के निवेश के तहत विशाखापत्तनम में एक फुल स्टैक एआई हब स्थापित कर रहा है. इसमें गीगावाट स्केल कंप्यूट और एक नया इंटरनेशनल सबसी केबल गेटवे होगा. उनके मुताबिक, यह हब पूरे भारत के व्यवसायों और लोगों को अत्याधुनिक एआई सुविधाएं और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा. ओपन एआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भारत की प्रगति की जमकर तारीफ की. उन्होंने बताया कि भारत में हर हफ्ते 10 करोड़ से ज्यादा लोग चैट जीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें एक तिहाई छात्र हैं. ऑल्टमैन ने एक चौंकाने वाली बात कही कि भविष्य में ‘सुपरइंटेलिजेंस’ किसी भी बड़ी कंपनी के सीईओ या वैज्ञानिक से बेहतर काम करने में सक्षम हो सकता है. वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई के एक स्ट्रीट वेंडर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने डिजिटल इकोनॉमी में दुनिया को गलत साबित कर दिया है. उन्होंने भरोसा जताया कि भारत और फ्रांस मिलकर एआई के भविष्य को जिम्मेदारी और मानवता के साथ मिलकर गढ़ेंगे.
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