BBMB में सदस्य ऊर्जा और सिंचाई के पदों पर पंजाब-हरियाणा का कोटा खत्म, केंद्र ने बदले नियम

BBMB में सदस्य ऊर्जा और सिंचाई के पदों पर पंजाब-हरियाणा का कोटा खत्म, केंद्र ने बदले नियम

केंद्र सरकार ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में सदस्य ऊर्जा और सिंचाई के पदों पर पंजाब और हरियाणा का कोटा खत्म कर दिया है. 13 अप्रैल को जारी अधिसूचना के बाद अब ये पद देशभर के योग्य उम्मीदवारों के लिए खुले हैं. केंद्र सरकार के द्वारा अधिसूचना जारी करते ही पंजाब और हरियाणा में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया है.

केंद्र ने ये बदलाव BBMB के नियम 1974 के उप-नियमों में किया है. यानी अब BBMB के इन दो महत्वपूर्ण पोस्टों पर कहीं से भी उम्मीदवार लाया जा सकता हैं, जोकि नियमों को पूरा करता हो. पूर्व में सदस्य ऊर्जा का कोटा पंजाब के पास था, जबकि सदस्य सिंचाई की पोस्ट हरियाणा के पास थी.

केंद्र सरकार ने खत्म किया कोटा सिस्टम

केंद्र सरकार ने अब इस कोटा सिस्टम को खत्म कर दिया है. जारी अधिसूचना के अनुसार सदस्य सिंचाई लगने के लिए अभ्यार्थी को मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से सिविल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक होना चाहिए. उसके पास 20 साल का अनुभव होना चाहिए. सदस्य उर्जा के लिए अभ्यार्थी को विद्युत या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक होना चाहिए. उसके पास भी 20 वर्ष का अनुभव होना चाहिए.

नियमों में कई बड़े बदलाव

केंद्र ने ये बदलाव BBMB के नियम 1974 में किया है. यानी अब BBMB के इन दो महत्वपूर्ण पदों पर देश के किसी भी राज्य से उम्मीदवार लाया जा सकता है जोकि तय नियमों को पूरा करता हो. इससे पहले पंजाब और हरियाणा की सरकारें अपने अनुभवी इंजीनियरों के नाम केंद्र को भेजती थी और उन्हीं में से चयनित होकर इन दोनों पदों पर अधिकारी नियुक्त किए जाते थे.

हालांकि BBMB के 1974 के मूल नियमों में ये स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया कि ये पद केवल इन्ही दो राज्यों के लिए हैं लेकिन पिछले पांच दशकों से इसी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है. 1974 से चली आ रही इस व्यवस्था का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना था कि लाभार्थी राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश का BBMB के प्रबंधन में सीधा दखल बना रहे.

हरजोत सिंह बैंस ने साधा निशाना

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ये संघीय ढांचे पर हमला है. दशकों से चले आ रहे पंजाब के अधिकार को छीनने का प्रयास जा रहा है. पहले पंजाब के अधिकारी होते थे तो उनको यहां की भौगोलिक स्थिति से लेकर मौसम व जरूरतों के बारे में पता होता था. अब किसी भी राज्य से अधिकारी को लाया जा सकता है.

पंजाब का पानी जबरन छीनने की तैयारी

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि ये पंजाब का पानी जबरन छीनने की तैयारी की जा रही है. चुनाव के बाद एसवाईएल से पानी दिया जाएगा और मुख्यमंत्री भगवंत मान कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैैं. पिछले साल मुख्यमंत्री नंगल में पानी रोकने के लिए ताला लगाने तो चले गए थे जबकि उन्हें चाहिए था कि इसकी लड़ाई कानूनी रूप से लड़ी जाती.

वड़िंग ने कहा कि ये कोई पहला मौका नहीं हैं जब केंद्र की बीजेपी सरकार ने पंजाब पर हमला बोला हो. फिर चाहे पंजाब युनिवर्सिटी में सीनेट के इलेक्शन हो या चंडीगढ़ में हरियाणा को विधानसभा बनाने के लिए अलग जमीन देने का मामला हो. केंद्र की बीजेपी सरकार पंजाब के हितों को छीनने में लगी हुई है.

हरियाणा में भी सियासी हंगामा

पूरे मामले को लेकर हरियाणा में भी राजनीतिक हंगामा मचा है. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड को लेकर जारी केंद्र सरकार के नए गजट नोटिफिकेशन को पूरी तरह हरियाणा विरोधी करार दिया है. हुड्डा ने कहा कि हरियाणा जब पंजाब से अलग हुआ तो बाकायदा बोर्ड के नियम बनाए गए थे. इन नियमों में हरियाणा के हितों का ध्यान रखते हुए कई प्रावधान किए गए थे. जैसे कि बोर्ड में सिंचाई का मेंबर हरियाणा से होगा, उर्जा का सदस्य पंजाब से होगा और अध्यक्ष हिमाचल का नहीं होगा.

हरियाणा के अधिकारों से खिलवाड़

अब नए फैसले में कहा गया है कि किसी भी पद पर, किसी भी प्रदेश का सदस्य विराजमान हो सकता है. इससे हरियाणा के अधिकारों से खिलवाड़ की आशंका है, क्योंकि ये पहले भी हो चुका है. हुड्डा ने कहा कि एक तरफ तो बीजेपी सरकार हरियाणा को एसवाईएल का पानी नहीं दिलवा रही और दूसरी तरफ भाखड़ा के पानी और मैनेजमेंट बोर्ड की नौकरियों में भी हरियाणा के हितों की लगातार अनदेखी हो रही है.

सबसे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि प्रदेश की बीजेपी सरकार इस पर मौन धारण किए बैठी है. उन्होंने आगे कहा कि जब बीबीएमबी में हरियाणा के कोटे की भर्तियों को भी खत्म किया गया था, तब भी प्रदेश सरकार ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाई थी.

BBMB के सैकड़ों पद खाली

पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार इस पूरे मामले को लेकर आपत्ति भले ही दर्ज करा रही हो लेकिन पहले पंजाब सरकार को ये बताना चाहिए कि उनके कोटे से BBMB के जो सैकड़ों पद खाली हैं उन्हें भरने को लेकर उन्होंने क्या किया है. हालांकि सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब की जनता और सरकार के लिए पंजाब के पानी का मुद्दा हमेशा से ही भावनात्मक मुद्दा रहा है और केंद्र सरकार को इस तरह का कोई भी बदलाव करने से पहले BBMB से सीधे तौर पर जुड़े राज्यों और खास तौर पर पंजाब सरकार से राय जरूर लेनी चाहिए.

पंजाब के साथ भेदभाव

आम आदमी पार्टी की पंजाब यूनिट ने इस मुद्दे पर कहा है कि पंजाब के साथ भेदभाव पहले से चला आ रहा है. आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव बलतेज पन्नू ने कहा कि BBMB पर जो फैसला केंद्र ने किया है ये पंजाब के साथ अन्याय है. अब इस बोर्ड में पूरे देश से किसी भी अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है, जबकि पहले इस बोर्ड में पंजाब के अधिकारी की नियुक्ति होती थी लेकिन अब ये अधिकार भी छीन लिया गया है.

हरियाणा ने अपने हिस्से से ज्यादा पानी मांगा

पिछले साल भी हरियाणा ने अपने हिस्से से ज्यादा पानी मांगा था. इस साल भी पंजाब ने हरियाणा को अपने हिस्से के पानी को ठीक ढंग से उपयोग करने के लिए कहा था. लेकिन केंद्र सरकार ने अब BBMB में ही नियुक्ति के नियम बदल दिए हैं. BBMB की मैनेजमेंट की नियुक्तियों को लेकर लगातार पंजाब और हरियाणा के बीच टकराव चला ही रहता है लेकिन अब आम आदमी पार्टी सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर आरोप लगा रही है कि BBMB पर कब्जा करने के लिए केंद्र सरकार इस तरह के नोटिफिकेशन लाकर बदलाव करने की तैयारी में है.

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