“विविधा” : भारतीय संस्कृति, समरसता और सामाजिक चेतना का सशक्त साहित्यिक दस्तावेज
“विविधा” (चिंतन,संस्कृति और समाज का सार्थक दस्तावेज) …… लेखकीय…. भारत वह देश है जिसका अध्यात्म दर्शन एक ब्रह्म को विविध रूपों में देखता है। यहां विविधता में एकता नहीं अपितु वह एक तत्व विविध रूपों में प्रकट होता है। इस प्रकार भारत उस विशाल देश का नाम है जिसमें विविधता एक ही मूल से उपजी … Read more
