ED का दिल्ली और यूपी में बड़ा एक्शन, सतत संपदा प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी, विदेशी फंडिंग से जुड़ा मामला

ED का दिल्ली और यूपी में बड़ा एक्शन, सतत संपदा प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी, विदेशी फंडिंग से जुड़ा मामला

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने सतत संपदा प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत बड़ा छापेमारी अभियान शुरू किया है. कार्रवाई के तहत दिल्ली और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कंपनी के एक ऑफिस, एक बिजनेस स्टोर और दो रिहायशी ठिकानों पर छापेमारी की गई.

यह छापेमारी ED की हेडक्वार्टर यूनिट द्वारा की जा रही है, जिसमें चार जगहों को कवर किया गया है. ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई कंपनी को विदेशी NGO और इन्फ्लुएंस ग्रुप्स से प्राप्त फंडिंग की सही जांच के लिए की जा रही है. एजेंसी का शक है कि विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) के रूप में मिली राशि का असली इस्तेमाल कंसल्टेंसी चार्ज के नाम पर किया गया, लेकिन वास्तविक उद्देश्य अलग हो सकता है. ईडी का कहना है कि अभी छापेमारी चल रही है. जांच पूरी होने के बाद स्थिति साफ हो पाएगी.

विदेशी फंडिंग के गलत इस्तेमाल पर शक

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के अधिकारियों को शक है कि यह फंडिंग एनर्जी सेक्टर से जुड़े सरकारी नीतिगत फैसलों और नियमों पर प्रभाव डालने के लिए इस्तेमाल हो रही थी. ED इस एंगल से मामले की गहन जांच कर रही है. शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि कंपनी की ओर से विदेशी फंड का इस्तेमाल नैरेटिव बनाने और नीति निर्माताओं को प्रभावित करने वाले कामों में किया गया हो सकता है.

दस्तावेज, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेन-देन पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. कार्रवाई के दौरान दस्तावेज, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेन-देन की जांच पर जोर दिया जा रहा है. ED की टीम को यह पता लगाने में दिलचस्पी है कि विदेशी फंडिंग के तहत मिली रकम का असली उपयोग किन-किन जगहों पर किया गया है. फिलहाल ED की टीम कंपनी के दस्तावेज, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेन-देनों की बारीकी से जांच कर रही है.

कंपनी ने कई प्रोजेक्ट्स में किए निवेश

Satat Sampada Pvt. Ltd. ने पिछले कुछ वर्षों में कई प्रोजेक्ट्स में निवेश किया है और विदेश से मिली कंसल्टेंसी फीस को अपने बिज़नेस खर्चों में दिखाया. हालांकि, ईडी के अधिकारियों का मानना है कि यह फंडिंग सीधे नीति और सरकारी निर्णयों पर असर डालने वाले कार्यों में लगी हो सकती है. इस मामले की पड़ताल अभी जारी है और ईडी ने संकेत दिए हैं कि आगे भी कई और ठिकानों पर छापेमारी और दस्तावेजों की जांच की जा सकती है.

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