ड्रोन से मिलने वाला वीडियो सीधे ऑपरेटर तक पहुंचेगा.इसे जमीन और हवा, दोनों जगह से कंट्रोल किया जा सकेगा. इसमें 500 से 1000 ग्राम तक पेलोड ले जाने की क्षमता होगी. इसमें तीन तरह के पेलोड लगाए जा सकेंगे. निगरानी और लक्ष्य के पहचान, हमले के लिये और रॉकेट से जोड़ने की सुविधा भी होगी .
