IAS अभिलाषा और योगेश पर गिरी सम्राट सरकार की गाज, टेंडर घोटाला मामले में सस्पेंड

बिहार सरकार ने अधिसूचना जारी कर भ्रष्टाचार के मामले में एक साथ दो IAS अधिकारियों अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को निलंबित कर दिया है. इन दोनों नौकरशाहों का कनेक्शन सत्ता के दलला टेंडर माफिया रिशु श्री के साथ था. महंगे गिफ्ट, सैर-सपाटा और विदेश यात्राओं का ‘राज’ राज नहीं रह गया. अब यह कार्रवाई स्पेशल विजिलेंस यूनिट की रिपोर्ट पर हुई है.

इस पूरे मामले की शुरुआत ठेकेदार रिशु श्री के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद हुई थी. उसे गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेजा जा चुका है. ईडी की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि टेंडर मैनेज करने के लिए रिशु श्री अलग-अलग सरकारी विभागों में सचिव से लेकर नगर आयुक्त तक की मनचाही पोस्टिंग मैनेज कराता था.

दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आए दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हुई. जांच एजेंसियों का दावा है कि पटना के एक ठेकेदार रिशु श्री ने कथित तौर पर उक्त दोनों अधिकारियों को कई तरह के लाभ पहुंचते रहे हैं. इतना ही नहीं रिशु श्री राज्य के बड़े आईएएस अधिकारियों को अपनी उंगलियों पर नचाता था.

आईएएस और उनके रिश्तेदारों को विदेश यात्रा कराई

ईडी की जांच में सामने आया कि ठेकेदार रिशु श्री ने आईएएस योगेश कुमार सागर और उनके 8 रिश्तेदारों को विदेश यात्रा कराई थी. 22 जून 2024 से 30 जून 2024 तक हुई इस यात्रा के दौरान योगेश कुमार सागर और उनके परिवार के लोग ऑस्ट्रिया के वियाना, साल्जबर्ग और वॉल्फगैंग में घूमे थे. वे वहां के बेहद महंगे और आलीशान होटलों में ठहरे थे. इस पूरी हवाई यात्रा और विदेशी होटलों में रुकने पर कुल 21.92 लाख रुपए खर्च हुए थे. इसका पूरा भुगतान ठेकेदार रिशु श्री ने अपनी जेब से किया था.

कौन हैं आईएएस योगेश कुमार सागर?

आईएएस योगेश कुमार सागर 2017 बैच के अधिकारी हैं और निलंबन से पहले समाज कल्याण विभाग में तैनात थे. योगेश मूल रूप से उत्तरप्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2012 में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी. एक वक्त ऐसा भी था जब योगेश कुमार सागर के परिवार के लिए ठीक से पेट भरना तक मुश्किल होता था. उनका बचपन बेहद तंगहाली और कठिन परिस्थितियों में बीता था. योगेश का जन्म 15 अप्रैल 1988 को हुआ था और उनके पिता कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज विभाग में एक कॉन्स्टेबल थे.

कौन हैं आईएएस अभिलाषा शर्मा?

इस घोटाले में सस्पेंड होने वाली दूसरी आईएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा हैं. अभिलाषा ग्रामीण विकास विभाग में जीविका की सीईओ के पद पर कार्यरत थीं. बिहार कैडर की 2014 बैच की आईएएस अभिलाषा शर्मा ने पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री ली है. उनका जन्म 26 जनवरी 1989 को हुआ. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्रालय से की थी और वह बिहार सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं. वह सीतामढ़ी की डीएम रहने के साथ-साथ वित्त विभाग में संयुक्त सचिव भी रह चुकी हैं.

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