LPG Crisis: अब 25 दिन से पहले बुक नहीं होगा दूसरा सिलेंडर, सरकार ने बदले नियम

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की तपिश अब भारत में भी महसूस होने लगी है. हालांकि भारत सरकार ने एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़े फैसले लिए हैं. इस कड़ी में सरकार ने घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए अब बुकिंग के नियमों को कड़ा कर दिया गया है. सरकार ने तेल कंपनियों (IOCL, HPCL, BPCL) को निर्देश दिया है कि वे उपलब्ध स्टॉक को पहले घरेलू (14.2 किलो) सिलेंडर के लिए सुरक्षित रखें.

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि ईंधन आपूर्ति पर एलपीजी की कमी को देखते हुए, सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का अधिक उत्पादन करने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए इस्तेमाल करने के आदेश जारी किए हैं.

बुकिंग नियमों में बदलाव

मंत्रालय ने घरों में एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है और जमाखोरी-कालाबाजारी से बचने के लिए 25 दिन की इंटर-बुकिंग अवधि शुरू की है. इससे पहले की गई कोई भी बुकिंग ऑटोमैटिक रिजेक्ट कर दी जाएगी.

मंत्रालय ने कहा कि आयातित एलपीजी से गैर-घरेलू आपूर्ति को अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है. अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों को एलपीजी की आपूर्ति के लिए, रेस्टोरेंट, होटल, अन्य उद्योगों को एलपीजी आपूर्ति की समीक्षा करने के लिए ओएमसी के तीन कार्यकारी अधिकारियों की एक समिति का गठन किया गया है.

एलपीजी की कीमतों में उछाल

बता दें कि 7 मार्च से एलपीजी की कीमतों में उछाल देखा गया है. कमर्शियल सिलेंडर के दाम लगभग 115 रुपये और घरेलू सिलेंडर की कीमत करीब 60 रुपए तक बढ़ गई है. हालांकि, राहत की बात यह है कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी.

आपूर्ति में 30 प्रतिशत की गिरावट

भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा कतर और सऊदी अरब जैसे देशों से आयात करता है. वर्तमान तनाव के कारण साप्ताहिक आयात में लगभग 30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्टॉक को रेशनिंग के जरिए प्रबंधित करना पड़ रहा है.

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