
MS Dhoni 45th Birthday: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज यानी 7 जुलाई को अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं. महेंद्र सिंह धोनी की गिनती दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में होती है. धोनी ने क्रिकेट के मैदान पर जो इतिहास रचा है, उसे पूरी दुनिया जानती है. लेकिन कैप्टन कूल के शांत स्वभाव और जादुई कप्तानी के पीछे उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे दिलचस्प पहलू भी हैं, जो बहुत कम फैंस को पता हैं. आइए जानते हैं एमएस धोनी से जुड़ी 7 अनसुनी और काफी दिलचस्प बातें.
धोनी फोन क्यों नहीं उठाते?
एमएस धोनी की यह आदत क्रिकेट जगत में एक बड़ा रहस्य रही है. वीवीएस लक्ष्मण से लेकर विराट कोहली और खुद उनके परम मित्र सुरेश रैना तक यह शिकायत कर चुके हैं कि धोनी कभी किसी का फोन नहीं उठाते. यहां तक कि कई बार टीम के सेलेक्शन के समय भी बीसीसीआई अधिकारी उनसे संपर्क नहीं कर पाते थे. इस आदत के पीछे की वजह का खुलासा खुद धोनी ने एक इवेंट के दौरान किया था. उन्होंने बताया था, ‘मैं और टेक्नोलॉजी एक-दूसरे से काफी दूर हैं. मैं ज्यादा फोन इस्तेमाल नहीं करता. ऐसी कई कहानियां हैं कि मैंने फोन पर जवाब नहीं दिया. मगर मैं टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता हूं.
धोनी ने 15,000 फीट की ऊंचाई से क्यों लगाई थी छलांग?
साल 2011 में भारत को वर्ल्ड कप जिताने के बाद एमएस धोनी को भारतीय टेरिटोरियल आर्मी में ‘लेफ्टिनेंट कर्नल’ की मानद रैंक दी गई थी. धोनी इस रैंक को सिर्फ एक टैग या सम्मान नहीं मानते थे, बल्कि वो देश की सेवा के लिए सेना की ट्रेनिंग का हिस्सा बनना चाहते थे. साल 2015 में धोनी ने पैराशूट रेजिमेंट के तहत ‘पैरा-टूपर’ बनने का फैसला किया. इस विंग का हिस्सा बनने और ‘पैरा विंग्स’ हासिल करने के लिए एक ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है. ऐसे में आगरा एयरफोर्स स्टेशन पर ट्रेनिंग के दौरान धोनी ने भारतीय वायुसेना के एएन-32 (AN-32) विमान से 15,000 फीट की ऊंचाई से पांच छलांगें लगाई थीं.
पहली सैलरी और रेलवे की नौकरी
टीम इंडिया में एंट्री से पहले, धोनी ने अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए सरकारी नौकरी की थी. साल 2001 से 2003 के बीच वो पश्चिम बंगाल के खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) के पद पर तैनात थे. उनकी पहली सैलरी सिर्फ 3,000 रुपए के आसपास थी.
बालों की स्टाइल के पीछे जॉन अब्राहम कनेक्शन
अपने करियर के शुरुआती दिनों में धोनी के लंबे बाल एक ग्लोबल ट्रेंड बन गए थे. यहां तक कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भी उनके बालों की तारीफ की थी और उन्हें बाल न कटवाने की सलाह दी थी. दरअसल, धोनी बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम के बहुत बड़े फैन थे और उन्हीं को देखकर उन्होंने अपने बाल लंबे किए थे.
मिल्क शेक की दीवानगी और अफवाह
शुरुआती दिनों में यह अफवाह बहुत उड़ी थी कि धोनी हर दिन 4 से 5 लीटर दूध पीते हैं. बाद में धोनी ने खुद इस बात का खुलासा किया कि वो रोज 5 लीटर दूध नहीं पीते, बल्कि उन्हें दूध, मिल्क शेक और चाकलेट बहुत ज्यादा पसंद है, और वो दिनभर में करीब 1 लीटर दूध या शेक जरूर पी लेते थे.
गोलकीपर से विकेटकीपर बनने की कहानी
बचपन में धोनी को क्रिकेट से ज्यादा फुटबॉल और बैडमिंटन का शौक था. वो अपनी स्कूल टीम के बेहतरीन फुटबॉल गोलकीपर थे. एक दिन उनके स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर ने उनकी गोलकीपिंग स्किल्स को देखकर उन्हें क्रिकेट टीम में विकेटकीपिंग करने की सलाह दी. बस यहीं से भारत को उसका सबसे महान विकेटकीपर मिल गया.
गाड़ियों का नहीं, बाइक्स का असली खजाना
धोनी के पास दुनिया की सबसे महंगी कारों से कहीं बड़ा कलेक्शन मोटरसाइकिलों का है. उनके रांची वाले फार्महाउस में एक दो-मंजिला गैराज है, जिसमें 150 से ज्यादा बाइक्स मौजूद हैं. उनके पास दुनिया की सबसे महंगी बाइक्स से लेकर भारत की पुरानी राजदूत और यामाहा RD350 का शानदार कलेक्शन है. खास बात यह है कि धोनी फुर्सत के पलों में अपनी बाइक्स को खुद अपने हाथों से साफ करना और रिपेयर करना पसंद करते हैं.